नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी लगातार इसका विरोध कर रही हैं। कई अन्य राजनीतिक दल भी विरोध कर रहे हैं। इसी बीच अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलागा वेट्री कजगम (टीवीके) ने तमिलनाडु में एसआईआर करने के चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले टीवीके ने राज्य में एसआईआर के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध–प्रदर्शन किया था। टीवीके एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली देश की उन चुनिंदा दलों में शामिल हो गई, जिन्होंने इसका विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट में अब तक डीएमके, सीपीआईएम, टीएमसी, कांग्रेस (पश्चिम बंगाल) और आईयूएमएल एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं। विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और ‘इंडिया‘ गठबंधन के घटक दलों का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियां हैं और इसका उद्देश्य कुछ खास लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाना है, जिससे चुनावों में लाभ पहुंचाया जा सके। हाल ही में एसआईआर से जुड़े कुछ लोगों की मौत की खबरें भी आई हैं, हालांकि इन मौतों के कारणों की स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है। विपक्षी दलों का यह भी आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहा है।



