पंजाब में पुलिस चौकी पर सातवां ग्रेनेड हमला: खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने ली जिम्मेदारी
पंजाब में आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं। बख्शीवाला पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) ने ली है। पिछले एक महीने में यह सातवां ग्रेनेड हमला है।
पाकिस्तानी आईएसआई और खालिस्तानी संगठनों का हाथ
पंजाब पुलिस की प्रारंभिक जांच में इन हमलों के पीछे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और खालिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों जैसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई), खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ), और केजेडएफ की भूमिका का संकेत मिला है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब को निशाना बनाकर भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। पंजाब ने पहले भी आतंकवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है और अब इसे दोबारा अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।
विदेशी कनेक्शन और स्लीपर सेल्स की सक्रियता
जांच अधिकारियों का मानना है कि कनाडा, अमेरिका, न्यूजीलैंड, और फिलीपींस जैसे देशों में सक्रिय संगठनों का इन हमलों में हाथ हो सकता है। ये संगठन भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचने और अपने मूवमेंट को ज़िंदा रखने के लिए पंजाब में आतंकी हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
पूर्व डीजीपी शशिकांत के अनुसार, इन हमलों में इस्तेमाल किए गए ग्रेनेड पुराने हो सकते हैं, जिनकी मारक क्षमता कम थी। यह इशारा करता है कि इनका उद्देश्य डर का माहौल बनाना और स्लीपर सेल्स को सक्रिय करना हो सकता है।
फोरेंसिक जांच की आवश्यकता
पूर्व डीजीपी ने सुझाव दिया कि इन हमलों में बरामद ग्रेनेड और आईईडी की फोरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि ये कब और कहां बने थे। उनका मानना है कि यह स्लीपर सेल्स को सक्रिय कर किसी बड़ी वारदात की तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
स्थिति चिंताजनक
लगातार बढ़ते हमलों ने पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। आतंकियों का यह कदम डर फैलाने और अपने नेटवर्क को फिर से मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। पंजाब पुलिस इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए सक्रिय है।
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