नॉर्दन रेलवे ने 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर रद्द की गई 28 ट्रेनों की घोषणा की है। इस फैसले से लगभग 1 लाख यात्री प्रभावित होंगे और वे समय पर दिल्ली नहीं पहुंच पाएंगे। रेलवे ने यह कदम सुरक्षा कारणों और जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उठाया है।
10 अक्टूबर को ट्रेनों के रद्द होने का समय और कारण
रेलवे ने शनिवार सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक नई दिल्ली (NDLS) और हजरत निजामुद्दीन (NZM) स्टेशनों से आने-जाने वाली ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह कदम मुख्य रूप से जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन के कारण लिया गया है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
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प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए यह विशेष कदम उठाया है। इससे पहले भी प्रदर्शन के दौरान भारी जाम लगने से कई यात्रियों को अपनी ट्रेनें मिस करनी पड़ी थीं।

रद्द की गई ट्रेनों की संख्या और प्रभावित यात्री
नॉर्दन रेलवे ने अब तक कुल 28 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया है, जिनमें प्रमुख वीआईपी ट्रेनों जैसे हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों का अधिकतर मार्ग उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजरता है।
मीडिया रिपोर्ट्स और रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन रद्द ट्रेनों के कारण लगभग 1 लाख यात्री दिल्ली नहीं पहुंच पाएंगे, जो उनकी यात्रा योजनाओं पर बड़ा असर डालेगा।
रेलवे और प्रशासन का सुरक्षात्मक रुख
रेल मंत्रालय और नॉर्दन रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में भारी भीड़ जुटने से ट्रैफिक जाम होता है, जिससे स्टेशनों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
इसलिए, उन्होंने ट्रेनों के रद्द होने और कुछ ट्रेनों के री-शेड्यूल करने का फैसला किया है ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा कर सकें।

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद करने का प्रस्ताव
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को पत्र भेजकर 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से मध्य दिल्ली के कार्यालय क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों के पास स्थित 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध किया है। इसका मकसद प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
फिलहाल, दिल्ली के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशन जैसे आनंद विहार, दिल्ली जंक्शन (पुरानी दिल्ली) और सराय रोहिल्ला सामान्य रूप से खुलेंगे। इससे यात्रियों को वैकल्पिक विकल्प मिलेंगे।
प्रदर्शनकारियों की मांग और राजनीतिक पृष्ठभूमि
कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के कारण केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव आयोग के प्रति असंतोष की आवाज़ को यह दल जोर देने की कोशिश कर रहे हैं।
यात्रियों के लिए संभावित प्रभाव और आगे की स्थिति
नॉर्दन रेलवे द्वारा ट्रेनों के रद्द होने से आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इससे दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित होंगी।
हालांकि, प्रशासन ने वैकल्पिक रेलवे स्टेशनों को खुला रखने का प्रबंध किया है ताकि यात्रियों को कुछ राहत मिल सके। विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य हो जाएगा।



