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नई दिल्ली। एनसीईआरटी एक बार फिर विवादों में है। इस बार विवाद का कारण भारत-पाक विभाजन की जिम्मेदारी को लेकर उठा है। एनसीईआरटी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर विशेष मॉड्यूल जारी किया है। इस मॉड्यूल में बताया गया है कि विभाजन के लिए मुहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस और लॉर्ड माउंटबेटन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
इस मॉड्यूल को शीर्षक विभाजन के अपराधी है। इसे कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए अलग–अलग रूप में तैयार किया गया है। इसे पूरक शैक्षिक सामग्री के तौर पर पेश किया गया है, जिसे पोस्टर, वाद–विवाद, प्रोजेक्ट्स और चर्चाओं के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाएगा। एनसीईआरटी द्वारा जारी मॉड्यूल में भारत–पाक विभाजन के लिए तीन प्रमुख शख्सियतों को जिम्मेदार ठहराया गया है– मुहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस और लॉर्ड माउंटबेटन। मॉड्यूल के मुताबिक, जिन्ना ने विभाजन की मांग की, कांग्रेस ने इसे स्वीकार किया और माउंटबेटन ने इसे लागू किया।
इस माड्यूल में पं. जवाहरलाल नेहरू का जुलाई 1947 में दिया गया एक भाषण भी है। इसमें उन्होंने कहा था कि विभाजन बुरा है, लेकिन एकता की कीमत चाहे जो भी हो, गृहयुद्ध की कीमत उससे कहीं ज्यादा होगी। मॉड्यूल में बताया गया है कि विभाजन के दौरान करीब 6 लाख लोग मारे गए और 1.5 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए। ये तथ्य अक्सर स्कूली किताबों में पूरी तरह नहीं बताए जाते थे। इसके अलावा, मॉड्यूल में यह भी बताया गया है कि विभाजन ने देश की एकता को खंडित किया, पंजाब और बंगाल की अर्थव्यवस्था को तबाह किया और जम्मू–कश्मीर को सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता की ओर धकेला, जो आगे चलकर आतंकवाद का कारण बना।



