ग्वालियर में निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल की छत गिरने से चार मजदूर घायल हो गए हैं। यह हादसा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की दोपहर को पदमा राजे शासकीय विद्यालय परिसर में बने सीएम राइज सांदीपनि स्कूल की नई बिल्डिंग में हुआ।
सीएम राइज स्कूल की छत गिरने का हादसा कैसे हुआ?
हादसे के वक्त मजदूर छत की ढलाई के बाद शटरिंग प्लेट्स हटाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। तत्काल राहत कार्य शुरू हुआ और घायलों को नजदीकी शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम और पुलिस ने मलबे की जांच की तथा निर्माण कार्य को रोक दिया। हादसे के कारणों की गहन जांच प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।

ग्वालियर में मजदूरों की स्थिति और अस्पताल में इलाज
घायलों में हरीराम, राम झरोखा, राजेश बंसल और दिलेश्वर शामिल हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सभी की स्थिति स्थिर है और वे सुरक्षित हैं। ग्वालियर प्रशासन ने मजदूरों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए हर संभव सुविधा मुहैया कराई है।
इस हादसे ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की सख्त जरूरत को उजागर कर दिया है। मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन आवश्यक है।
निर्माण कार्य पर हादसे का असर और जांच की शुरुआत
हादसे के बाद सीएम राइज स्कूल की निर्माण प्रक्रिया तत्काल रोक दी गई है। पुलिस हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता जांच के आदेश दिए गए हैं। निर्माण में तकनीकी खामियों या लापरवाही की संभावना को लेकर जांच चल रही है।
शटरिंग की मजबूती, कंक्रीट डालने की प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है। यदि जांच में दोषी पाए गए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल की पृष्ठभूमि
सीएम राइज सांदीपनि स्कूल का निर्माण पदमा राजे शासकीय विद्यालय परिसर में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना पुलिस हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से संचालित है।
इसकी एक ब्लॉक बनकर तैयार हो चुका है जबकि दूसरा हिस्सा निर्माणाधीन है। छत गिरने वाला हिस्सा दूसरी मंजिल का था जहां स्लैब की कास्टिंग का कार्य चल रहा था।
हादसे के संभावित कारण और तकनीकी विश्लेषण
सुपरवाइजर बलवंत सिंह के अनुसार, कंक्रीट पंप के दबाव के कारण छत का वह हिस्सा वजन सहन नहीं कर पाया। एक जगह अधिक कंक्रीट जमा हो गया था जिससे ढांचा कमजोर हो गया।
फिलहाल असली कारणों का पता तकनीकी जांच के बाद ही चलेगा। निर्माण सामग्री, शटरिंग की मजबूती और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जा रहा है।



