👉 यह भी पढ़ें:
- नक्शे की बड़ी चूक पर नेपाल एयरलाइंस की माफी: जम्मू-कश्मीर को गलत दिखाने से उठा विवाद
- धरती कांपी: जम्मू-कश्मीर से महाराष्ट्र तक महसूस हुए भूकंप के झटके, कई इलाकों में दहशत
- जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा, इजरायल मुर्दाबाद के लगे नारे, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई के पोस्टर लहराए
- आतंक के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: जम्मू-कश्मीर में जलशक्ति विभाग के तीन कर्मचारी बर्खास्त
- जम्मू-कश्मीर में आग का तांडव: बांदीपोरा की मेन मार्केट धधकी, श्रीनगर के जंगलों में भी लगी आग
- जम्मू-कश्मीर के चतरू वन में मुठभेड़ के दौरान जैश के दो आतंकवादी ढेर, सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी
0:00 left
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी गोलाबारी को राज्य आपदा घोषित, एसडीआरएफ से मिलेगी आर्थिक मदद
जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और राहत विभाग ने पाकिस्तानी गोलाबारी को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अब इस तरह की घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों और घायलों को भी राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) से सहायता प्रदान की जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में दी जाती है।

मृतकों और घायलों को मिलेगा मुआवजा
- मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की सहायता
- 60% से अधिक घायल को ₹2.5 लाख
- 40% से 60% तक घायल को ₹75,000
- 40% से कम घायल को ₹16,000
संपत्ति के नुकसान पर मुआवजा
- पक्के मकान के नुकसान पर ₹1.20 लाख
- कच्चे मकान के नुकसान पर ₹65,000
- गोशाला के धराशायी होने पर ₹3,000
रिपोर्ट के आधार पर जारी होगा फंड
राजस्व विभाग गोलाबारी से मरने वालों और घायलों का आकलन कर जिला उपायुक्तों (DCs) को रिपोर्ट सौंपेगा। घायलों का डेटा अस्पतालों से जुटाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर एसडीआरएफ से फंड जारी कर प्रभावितों को सहायता दी जाएगी।
पहली बार युद्ध जैसे हालात को माना गया आपदा
यह जम्मू-कश्मीर में पहली बार है जब युद्ध जैसे हालात को आपदा के रूप में मान्यता दी गई है। अब भविष्य में इस तरह की स्थिति बनने पर भी प्रभावितों को SDRF से मदद मिलेगी।
अब तक राज्य में सिर्फ प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, सड़क हादसे, सांप के काटने या बिजली गिरने से मौत जैसी घटनाएं SDRF के दायरे में आती थीं। अब युद्ध जैसी परिस्थिति भी इस श्रेणी में शामिल कर दी गई है।
प्रभावितों तक सहायता राशि पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को सौंपी गई है और जिन क्षेत्रों में नुकसान का आकलन पूरा हो चुका है, वहां मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।



