अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान पर परमाणु बम और अमेरिकी जमीनी सेना का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस बयान में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर अपनी रणनीति का विस्तार से विवरण दिया।
ट्रंप ने परमाणु हथियारों और जमीनी सेना के इस्तेमाल से किया इनकार
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी जमीनी सेना को ईरान में भेजने का कोई इरादा नहीं है। इस बयान से स्पष्ट होता है कि ट्रंप प्रशासन ने संघर्ष को बढ़ाने से बचने का प्रयास किया है।
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इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास सैन्य ताकत है, लेकिन वह परमाणु हथियारों की बजाय पारंपरिक हथियारों से ही काम चलाना चाहता है।

मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स (MOAB) के इस्तेमाल पर ट्रंप का बयान
जब ट्रंप से ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB) के संभावित इस्तेमाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बम परमाणु हथियार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि MOAB एक बहुत बड़ा पारंपरिक बम है जिसका विस्फोट एक छोटे परमाणु विस्फोट जैसा लग सकता है, लेकिन इसमें कोई परमाणु तत्व नहीं होता।
ट्रंप ने बताया कि इस बम का इस्तेमाल पहले भी अफगानिस्तान में किया गया था और यह ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एक विकल्प हो सकता है।
पिकएक्स माउंटेन पर सैन्य हमले की संभावना
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के पिकएक्स माउंटेन नामक भूमिगत परमाणु स्थल पर हमले की योजना बना रहा है। यह स्थल ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
पेंटागन ने इस क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु स्थलों को नष्ट करने के लिए नए स्ट्राइक विकल्प तैयार किए हैं। हालांकि, इस तरह के हमलों के लिए ट्रंप की मंजूरी अनिवार्य होगी।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
अमेरिका और ईरान के बीच यह सैन्य तनाव फरवरी 2026 में शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए। तब से दोनों देशों के बीच संघर्ष गहराता जा रहा है।
ट्रंप ने इस दौरान बताया कि ईरानी अधिकारी अमेरिकी और इजरायली सैन्य अभियानों को रोकने का अनुरोध कर रहे हैं और बातचीत जारी है। इससे युद्ध जल्द समाप्त होने की उम्मीद बनी हुई है।
तेल बाजार पर संभावित प्रभाव
ट्रंप ने कहा कि युद्ध के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन वार्ता चलने से जल्द ही इस स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध खत्म होने से वैश्विक तेल बाजार स्थिर होगा और कीमतें कम होंगी।
यह आम आदमी के लिए राहत की बात है क्योंकि युद्ध से आर्थिक दबाव कम होने की संभावना है।
ट्रंप के बयान का वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व
ट्रंप का यह स्पष्टिकरण वैश्विक स्तर पर अमेरिका की सैन्य रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से परहेज किया है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
वहीं, ईरान के पिकएक्स माउंटेन पर हमले की संभावना क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती है, लेकिन बातचीत के जरिए समाधान की संभावना भी बनी हुई है।



