संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है। भारत की स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।”
उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असली मुद्दा जम्मू-कश्मीर नहीं, बल्कि भारत के उन क्षेत्रों पर पाकिस्तान का अवैध कब्ज़ा है, जिन्हें वापस किया जाना चाहिए।
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अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालिया हिंसा और अशांति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के लोगों को वर्षों से बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है। उनके अनुसार, रावलाकोट सहित कई क्षेत्रों में नागरिकों पर हो रही कार्रवाई उस व्यवस्था की नाकामी को दिखाती है जो जबरन कब्जे और दमन पर आधारित है।
भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान दशकों से जनसंख्या संतुलन बदलने, जमीनों पर कब्जा करने और लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब लोग रोटी, बिजली, सम्मान और अपने अधिकारों की मांग करते हैं तो उन्हें हिंसा और गोलियों से जवाब दिया जाता है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ा हुआ है। कुछ संगठनों द्वारा विधानसभा में आरक्षित सीटों की व्यवस्था खत्म करने की मांग की जा रही है, जिससे वहां का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
भारत के इस कड़े बयान के बाद एक बार फिर India-Pakistan Relations, PoK, और Kashmir Issue अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
क्या संयुक्त राष्ट्र में भारत का यह सख्त रुख पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाएगा?
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