नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। ईडी का कहना है कि कोलकाता में तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों को गलत तरीके से प्रतिबंधित करने के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है।
ईडी के तीन अधिकारी, जो कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल में थे। उनकी ओर से यह याचिका दायर की गई है। ईडी द्वारा दायर याचिका में ममता बनर्जी और कई अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी ने तलाशी में बाधा डाली। करीब 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में 8 जनवरी की तलाशी में बाधा डालने के आरोप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा के खिलाफ एफाईआर दर्ज कर जांच कराई जाए।
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याचिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ दोपहर 12:05 बजे प्रतीक जैन के आवास में घुसीं और ईडी द्वारा जब्त लैपटॉप, मोबाइल फोन व दस्तावेज जबरन ट्रक में रखकर ले जाए गए। ईडी ने यह भी कहा है कि अधिकारियों को डराने के लिए राज्य पुलिस से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। मामले में राज्य के बड़े पुलिस अधिकारी शामिल हैं और ममता बनर्जी खुद गृहमंत्री भी हैं।
ईडी की तरफ से दो याचिकाएं दाखिल
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं। पहली याचिका ईडी के नाम पर है, जबकि दूसरी याचिका इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी पर छापेमारी में शामिल तीन अधिकारियों– निशांत कुमार, विक्रम अहलावत और प्रशांत चंदिला की तरफ से है। यह अधिकारी छापेमारी के दौरान मौजूद थे और याचिका में उनके साथ हुई घटना का जिक्र किया गया है।



