👉 यह भी पढ़ें:
- भारत पर कमजोर मानसून का बड़ा संकट! 2009 के बाद सबसे कम बारिश का खतरा, फसलों और महंगाई पर असर संभव
- नेपाल में कुदरत का कहर: तिब्बत से आई भीषण बाढ़ में अब तक 157 मौतें, 750+ लापता
- नेपाल में जलप्रलय से बिहार-यूपी में चिंता, मदद के लिए आगे आया भारत
- हिमाचल में सुबह-सुबह कांपी धरती, शिमला में 4.0 तीव्रता का भूकंप; चंबा में भी महसूस हुए झटके
- UPI के 10 साल पूरे: ₹314 लाख करोड़ के लेनदेन तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- सेमीफाइनल का सपना टूटा! ऑस्ट्रेलिया से 0-0 ड्रॉ के बाद महिला हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत
0:00 left
नई दिल्ली। मंगलवार सुबह जब लोग ठीक से जगे भी नहीं थे कि धरती कांपने लगी। दिल्ली-एनसीआर, बिहार, बंगाल, समेत देश के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस हुए। सुबह करीब 6.35 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप इतना तेज था कि कई सेकेंड तक चीजें हिलने लगीं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत एनसीआर के लोग डरकर नींद से उठ गए और घर से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि भूकंप ने चीन और भूटान में भयंकर तबाही मचाई है। इसमें कई लोगों की मौत हो गई है।
दिल्ली-एनसीआर और बिहार के अलावा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के भी कई शहरों में धरती डोली है। खासकर उत्तर भारत के कई शहरों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल बॉर्डर पर तिब्बत के पास बताया जा रहा है। इसकी तीव्रता 7.1 थी. यह 6.35 बजे आया। बांग्लादेश, भूटान और चीन समेत कई अन्य देशों में भी ये झटके महसूस किए गए। नेपाल में तेज भूकंप आने के चलते बिहार में धरती डोली। बिहार के कई जिलों में इसका असर दिखा। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मोतिहारी, बेगूसराय, मुंगेर, शिवहर और सारण में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
तिब्बत था भूकंप का केंद्र
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप तिब्बत के शिजांग में रहा। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.1 आंकी गई। इस भूकंप का केंद्र तिब्बत के शिजांग में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। करीब 5 सेकेंड तक धरती हिलती रही।



