नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर लगातार नए-नए आदेश जारी कर रही है। पूरे देश में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत है। इसी बीच सरकार ने एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जो लोग अपने घर पर पाइपलाइन से नेचुरल गैस (एलपीजी) इस्तेमाल कर रहे हैं, उन लोगों को अब एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा।
सरकार के नए आदेश के मुताबिक अब ऐसे परिवार जिनके पास पहले से एलपीजी गैस कनेक्शन है और बाद में पाइप से आने वाली गैस यानी पीएनजी कनेक्शन ले लिया, अब उन्हें दोनों सुविधाएं रखने की अनुमति नहीं मिलेगी। सरकार ने साफ कहा है कि पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ता तुरंत एलपीजी सिलेंडर रिफिल नहीं करा पाएंगे। इसके साथ ही 30 दिनों के अंदर उन्हें या तो अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा या फिर उसे ऐसे इलाके में ट्रांसफर करना होगा, जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
👉 यह भी पढ़ें:
- अब उज्ज्वला योजना के सिलेंडरों में कटौती, एक साल में सिर्फ चार सिलेंडर ही मिलेंगे
- Lpg Cylinder के दाम बढ़ाकर सरकार ने दी सफाई, कई देशों से कम हैं कीमतें
- LPG Price Hike: आखिर क्यों महंगा हुआ गैस सिलेंडर? क्या आने वाले दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा असर?
- एलपीजी संकट पर राहुल गांधी का केंद्र पर तंज, कहा-मोदीजी ने कोविड की तरह ही एलपीजी संकट संभाला है
- एलपीजी संकट से जूझ रहा मध्यप्रदेश, इंदौर-भोपाल में ज्यादा परेशानी, अब सिर्फ पांच किलो के सिलेंडर का मिलेगा कनेक्शन
- मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार का दावा- देश में 60 दिन का तेल भंडार, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं
उल्लेखनीय है कि अब तक कई लोग रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पीएनजी इस्तेमाल करते थे, लेकिन बैकअप के तौर पर एलपीजी सिलेंडर भी अपने पास रखते थे। कई बार पाइपलाइन गैस सप्लाई में दिक्कत, मेंटेनेंस या तकनीकी खराबी होने पर लोग एलपीजी सिलेंडर उनके काम नहीं आता था। अब नए नियम लागू होने के बाद लोगों को एक ही गैस सिस्टम चुनना पड़ सकता है।



