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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर दिया है। इस बजट में मध्य प्रदेश के हिस्से में भी बहुत कुछ आया है। इसलिए सीएम मोहन यादव ने इस बजट को विकसित मध्य प्रदेश का बजट बताया है। केंद्रीय बजट में मध्य प्रदेश के पांच शहरों को रिंग रोड की सौगात मिली है। इसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और सागर शामिल हैं। इन सभी पांचों शहरों में रिंग रोड बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से राशि दी जाएगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर प्रदेश के प्रमुख शहर हैं, जबकि इसमें सागर को भी शामिल किया गया है।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए भी केंद्रीय बजट में बड़ा ऐलान किया गया है। उज्जैन में मुख्य रेलवे स्टेशन से बाबा महाकाल मंदिर तक रोप–वे बनाने की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में की है। इस रोप वे का निर्माण होने के बाद सात मिनट में ही उज्जैन की मुख्य रेलवे स्टेशन से बाबा महाकाल मंदिर पहुंचा जा सकेगा। अभी स्टेशन से मंदिर तक जाने में 25 से 30 मिनट लग जाते हैं। ऐसे में उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिहाज से यह ऐलान अहम माना जा रहा है। कोशिश रहेगी कि रोप वे का निर्माण सिंहस्थ तक हो जाए। इस प्रोजेक्ट की लागत 100 करोड़ रुपए होगी, जो 1.762 किमी लंबा होगा। खास बात यह है कि यह रोपवे मोनो केबल डिटेचेबल गोंडोला तकनीक से बनाया जाएगा, जिसमें तीन स्टेशन और 13 टॉवर बनेंगे।
11 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिले
वहीं बजट 2024-25 में पिछले साल के बजट की अपेक्षा मध्य प्रदेश को 11 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिले हैं। इस बार प्रदेश में केंद्र की तरफ से संचालित होने वाली योजनाओं के लिए 11 हजार 700 करोड़ रुपए ज्यादा दिए गए हैं यानी केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी और बढ़ गई है। 2023-24 के बजट में मध्य प्रदेश को कुल 86 हजार 702 करोड़ रुपए मिले थे, लेकिन इस बार प्रदेश को कुल 97 हजार 906 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे।



