Abhilash Shukla (Editor)

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Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

Exclusive articles:

भारत को बलूचिस्तान का खुला समर्थन: मीर यार बलोच का जयशंकर को पत्र, चीन–पाक गठजोड़ पर गंभीर चेतावनी

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के निर्वासित बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखकर नए साल पर भारत को शुभकामनाएं दी हैं

बल्लारी हिंसा पर सियासी संग्राम: जनार्दन रेड्डी समेत 11 पर एफआईआर, बैनर विवाद में गई एक जान

कर्नाटक के बल्लारी जिले में गुरुवार को भड़की हिंसा के मामले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है

दिल्ली के कंझावला जैसी दरिंदगी दोहराई गई: मिर्जापुर में कार 10 किमी तक युवक को घसीटती ले गई, सड़क बनी खून से लाल

दिल्ली के कंझावला कांड की याद दिलाने वाली एक और दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सामने आई है।

ईरान में महंगाई के ख़िलाफ उबाल: पांचवें दिन भीषण प्रदर्शन, झड़पों में तीन की मौत

ईरान में बढ़ती महंगाई के विरोध में लगातार पांचवें दिन भी कई शहरों में प्रदर्शन जारी रहे

नए साल की खुशियां मातम में बदलीं: स्विट्जरलैंड के बार में भीषण आग, 40 की मौत, 115 घायल

नए साल की पूर्व संध्या पर स्विट्जरलैंड में जश्न उस वक्त भयावह त्रासदी में बदल गया, जब एक बार में आग लगने से करीब 40 लोगों की मौत हो गई

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सोनम वांगचुक ने कहा देश में अघोषित इमरजेंसी, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पुलिस कार्रवाई पर भड़के

सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर कहा देश में अघोषित आपातकाल है। उन्होंने नेताओं की रिहाई तक अनशन की चेतावनी दी।

भूमाफियाओं के आगे एक बार फिर सब ने टेके घुटने, अयोध्यापुरी की जमीन नहीं बचा सका प्रशासन

अयोध्यापुरी की जमीन विवाद में अदालत ने कल्याण समिति का दावा खारिज कर दिया। प्रशासन भूमाफियाओं के दबाव में कमजोर साबित हुआ।

राहुल गांधी और थलपति विजय कैफे में मिले, कॉफी और कुकीज का आनंद लिया

राहुल गांधी और थलपति विजय कैफे में मिले, कॉफी और कुकीज का आनंद लिया। चेन्नई में दोनों नेताओं की अनौपचारिक मुलाकात ने राजनीतिक चर्चा को नया मोड़ दिया।

स्टालिन ने CJP प्रदर्शन का समर्थन किया, कहा असहमति अपराध नहीं है

एम. के. स्टालिन ने सीजेपी प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि असहमति कोई अपराध नहीं है। उन्होंने लोकतंत्र में आवाज दबाने की निंदा की।
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