कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के तबादले पर बवाल मचा हुआ है। सीएम ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं, जिससे चुनी हुई सरकार के अधिकार कमजोर हो रहे हैं।
सीएम ममता बनर्जी ने पत्र में कहा कि चुनाव के दौरान भी राज्य सरकार काम करती रहती है और उसे कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने चुनाव आयोग पर असंवैधानिक तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था और सहकारी संघवाद की भावना को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- TMC नेता आशीष बनर्जी की मौत: रामपुरहाट में आवास के पास पार्टी कार्यालय से मिला शव, जांच जारी
- ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़-पत्थर फेंके जाने की घटना से बंगाल की राजनीति गरम, भाजपा ने आरोपों से किया किनारा
- West Bengal में ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, लोगों ने गाड़ी पर पानी, पत्थर और जूते फेंके
- Mamata Banerjee को एक और झटका, टीएमसी सांसद कोयल मल्लिक ने दिया राज्यसभा से इस्तीफा
- Mamata Banerjee ने कहा-भाजपा चाहती थी कि मुझे हार्ट अटैक आ जाए, भतीजे अभिषेक बनर्जी का किया बचाव
- Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने जारी किया वीडियो संदेश-मुझे चुप कराना है तो मेरी जान लेनी होगी
बाहरी अधिकारियों की तैनाती पर सवाल
ममता ने कहा कि मार्च और अप्रैल में पश्चिम बंगाल में तूफान और नॉर–वेस्टर्स का खतरा रहता है। ऐसे समय में अनुभवी और स्थानीय अधिकारियों की जरूरत होती है। अगर उन्हें अचानक हटा दिया गया तो राहत और बचाव कार्यों में बड़ी दिक्कत आ सकती है। ममता ने यह कहा कि दूसरे राज्यों से लाए गए अधिकारी स्थानीय भाषा, भूगोल और सामाजिक हालात को ठीक से नहीं समझते। ऐसे में कानून–व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विफलता की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।



