टीही-धार रेल लाइन पर CRS निरीक्षण शुरू हो गया है। यह निरीक्षण 5 और 6 नवंबर 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा किया जाएगा, जिसमें 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का परीक्षण भी शामिल है। यह परियोजना इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
टीही-धार रेल लाइन की विशेषताएं और लंबाई
टीही से धार के बीच नवनिर्मित रेल लाइन की लंबाई लगभग 47.14 किलोमीटर है। इस रेलखंड में पीथमपुर के पास 2.95 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल है, जिसमें बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया गया है। यह रेलखंड पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत आता है।
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रेल संरक्षा और संचालन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यहाँ विशेष तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं।

CRS निरीक्षण का महत्व और परीक्षण की तैयारी
रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण इस रेलखंड की सुरक्षा, विद्युतीकरण और ट्रैक की गुणवत्ता की जांच के लिए आवश्यक है। 5 और 6 नवंबर को दो दिवसीय निरीक्षण में 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर गति परीक्षण किया जाएगा।
इससे पहले 2 नवंबर को 30 किमी प्रति घंटे से शुरू कर गति परीक्षण सफलतापूर्वक 130 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाया गया। यह चरणबद्ध परीक्षण रेल परिचालन की तैयारी का अहम हिस्सा है।
विद्युतीकरण और तकनीकी निरीक्षण
25 केवी एसी विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है। पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर रजनीश कुमार गोयल ने हाल ही में इस विद्युतीकरण का निरीक्षण किया। उन्होंने ओवरहेड विद्युत लाइन, ट्रैक्शन सब-स्टेशन और पावर सब-स्टेशन की व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया।
विद्युतीकरण की यह जांच रेल परिचालन के लिए बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है।

रेलवे मंडल के सुरक्षा निर्देश और जनता के लिए चेतावनी
रेल सुरक्षा के लिहाज से रेलवे ने स्थानीय लोगों और मवेशियों को पटरियों से दूर रहने का कड़ा निर्देश दिया है। तेज गति से ट्रेनों के परीक्षण के दौरान ट्रैक के पास जाना खतरनाक हो सकता है।
रेलवे प्रशासन ने दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और जनता से सहयोग की अपील की है।
टीही-धार रेल लाइन पर यात्री ट्रेन परिचालन की संभावनाएं
सीआरएस निरीक्षण और गति परीक्षण के सफल होने के बाद इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के परिचालन की संभावना बढ़ जाएगी। रेलवे ने धार-इंदौर के बीच मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी तैयार किया है।
इससे धार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। लंबी दूरी की ट्रेनों को महू से धार तक बढ़ाने की योजना पर भी विचार जारी है।
दाहोद-इंदौर रेल परियोजना का लोकार्पण और भविष्य की तैयारियां
इस परियोजना के लोकार्पण की तैयारी चल रही है, जिसके दिसंबर 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
लोकार्पण के बाद इस रेलखंड पर नियमित यात्री सेवा शुरू होने की राह साफ हो जाएगी, जो आदिवासी अंचल समेत पूरे क्षेत्र के विकास में सहायक होगी।



