इंजन फेल होने से इंडिगो फ्लाइट टेकऑफ से पहले रुकी, जिससे यात्री दो घंटे तक विमान के अंदर फंसे रहे। यह घटना कोलकाता से शिलांग जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 7423 में हुई।
इंजन फेल होने से उड़ान को रोकना पड़ा
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पार्किंग बे से रनवे की ओर टैक्सी करते समय विमान का एक इंजन अचानक बंद हो गया। इस कारण पायलट ने टेकऑफ रोकने का निर्णय लिया। इससे फ्लाइट 6E 7423 की उड़ान बाधित हो गई।
👉 यह भी पढ़ें:
इंजन फेल होने की वजह से विमान को तकनीकी खराबी के चलते टेकऑफ के लिए अनुमति नहीं मिली।

यात्रियों और सांसदों के साथ विमान में दो घंटे की प्रतीक्षा
यह इंडिगो फ्लाइट 67 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ शिलांग की ओर जा रही थी। इस उड़ान में डीएमके के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन समेत चार सांसद भी सवार थे। ये सांसद एक संयुक्त संसदीय समिति की सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने शिलांग जा रहे थे।
इंजन फेल होने के बाद यात्रियों को लगभग दो घंटे तक विमान के अंदर इंतजार करना पड़ा, जिससे हवाई यात्रा में देरी हुई।
फ्लाइट रद्द करने का फैसला और तकनीकी खराबी की पुष्टि
दो घंटे के इंतजार के बाद पायलट ने तकनीकी खराबी की पुष्टि की और इस फ्लाइट को रद्द करने का आदेश दिया गया। इससे यात्रियों को अन्य विकल्प तलाशने पड़े।
इस प्रकार के तकनीकी कारणों से उड़ान रद्द होना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
सांसद पी. विल्सन ने की उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र पर सवाल
इंजन फेल होने की घटना के बाद सांसद पी. विल्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट किया। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए से विमानों के उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र की निष्पक्ष समीक्षा और औचक निरीक्षण की मांग की।
उन्होंने विमान सुरक्षा और नियमित जांच पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं।
इंजन फेल होने की घटना का आम आदमी पर असर
इस घटना से पता चलता है कि विमानन सुरक्षा में सुधार की जरूरत है। ऐसे तकनीकी खराबी से यात्रियों का समय बर्बाद होता है और यात्रा योजनाएं प्रभावित होती हैं।
इसके अलावा, उड़ान रद्द होने से आर्थिक नुकसान भी होता है। इससे आम यात्रियों की हवाई यात्रा पर विश्वास कम हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है इस मामले में
फिलहाल नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए द्वारा इस घटना की जांच की संभावना है। तकनीकी जांच के साथ-साथ विमानों की नियमित और सख्त निरीक्षण प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सकता है।
अगर उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र की समीक्षा निष्पक्ष और समय पर हुई तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को कम किया जा सकेगा।



