मल्लिकार्जुन खरगे का रामलीला मैदान से मोदी-शाह पर तीखा हमला, कहा- मोदी को हटाएंगे तभी लोकतंत्र बचेगा। रविवार, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महा रैली में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर कड़े आरोप लगाए। इस रैली में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के कई प्रमुख नेता भी मौजूद थे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी-शाह सरकार पर साधा निशाना
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुकी है। उन्होंने कहा, “मोदी को हटाएंगे तभी लोकतंत्र बचेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह केंद्र की सत्ता को बनाए रखने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
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खरगे ने जोर देकर कहा कि सरकार विपक्ष और युवा वर्ग को डराने-धमकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी-शाह सरकार उन्हें बचाने और छुपाने की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा, उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) प्रक्रिया के तहत वोट काटने और हटाने के आरोप लगाते हुए 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को निरस्त करने की भी मांग दोहराई। उनका कहना था कि ये प्रक्रियाएं चुनावों की निष्पक्षता को प्रभावित कर रही हैं।
इंडिया गठबंधन की एकजुटता का संदेश
मंच से मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी दल और नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों के डर से नहीं घबराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चुनाव और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर लड़ेंगे।
रैली में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता मौजूद थे। इस एकजुटता ने विपक्ष की मजबूती का संदेश दिया।
रैली का आयोजन और सुरक्षा प्रबंध
नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने रामलीला मैदान और आस-पास के इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात किए।
कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ ने रैली को विपक्ष की ताकत के रूप में पेश किया। विपक्षी नेताओं का काफिला मिंटो ब्रिज से रामलीला मैदान तक मार्च करता हुआ पहुंचा।

सरकार पर वोट चोरी और सत्ता पर सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र और कुछ राज्यों की सरकारों पर भी आरोप लगाए कि वे जनता के मतों की बजाय वोट चोरी के जरिए सत्ता में बनी हैं। उन्होंने कहा कि “इन चोरों को सत्ता से हटाना होगा।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद तय कर रहे हैं कि वोट कौन डालेगा और जनता उन्हें चुन नहीं रही है। इस स्थिति को लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे की रणनीति
खरगे ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को बचाने के लिए मोदी सरकार को सत्ता से हटाना अनिवार्य है। विपक्षी गठबंधन इसे सुनिश्चित करने के लिए चुनावों में पूरी ताकत से लड़ रहा है।
उन्होंने युवाओं, महिलाओं और सभी समर्थकों से एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा में आगे आने का आह्वान किया। उनका मानना है कि तभी देश में वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना हो सकेगी।



