मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर MSME को बड़ा तोहफा मिला है। 1 नवंबर 2026 को राज्य के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की करीब 950 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों को ₹450 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर MSME इकाइयों को ₹450 करोड़ की वित्तीय सहायता
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर MSME क्षेत्र को मिली यह वित्तीय सहायता विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन ‘सिंगल क्लिक’ के माध्यम से इस राशि का सीधे लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरण किया। इससे लगभग 950 MSME इकाइयों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

स्टार्टअप्स को भी मिला प्रोत्साहन राशि
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहित किया गया। राज्य के 120 स्टार्टअप्स को कुल ₹47.80 लाख की प्रोत्साहन राशि दी गई। इसके अलावा अन्य वित्तीय योजनाओं के तहत स्टार्टअप्स को ₹1.50 करोड़ तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इससे नवोन्मेषी उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक भूखंडों के आशय पत्र वितरित
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को 75 औद्योगिक भूखंडों के आशय पत्र (Letter of Intent) भी प्रदान किए गए। यह कदम प्रदेश में निवेश और उद्योग स्थापित करने में सहायक होगा। भूखंड आवंटन से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक भी प्रदान किए गए। इस योजना से MSME क्षेत्र के उद्यमियों को वित्तीय सहायता मिलने से उनके व्यवसाय को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
मंत्रालय और मुख्यमंत्री के वक्तव्य
इस अवसर पर MSME मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि MSME क्षेत्र को मजबूत बनाने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी उद्यमियों को विकास की नई राह पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
आगे MSME क्षेत्र और प्रदेश विकास की संभावनाएं
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर MSME को मिली यह बड़ी वित्तीय सहायता प्रदेश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल उद्यमियों को लाभ मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। आगामी वर्षों में MSME क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।



