1 नवंबर 2026 को दीपावली से पहले 22 घंटे तक चलने वाला शुभ रवि-पुष्य नक्षत्र बन रहा है। यह दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के अनुसार रविवार को पड़ रहा है और इसका ज्योतिषीय महत्व अत्यंत उच्च माना गया है। इस विशेष अवसर पर खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ फलदायक रहता है।
रवि-पुष्य नक्षत्र का समय और अवधि
पंचांग के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को सुबह 05:39 बजे से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा और यह अगले दिन 2 नवंबर की सुबह 04:30 बजे तक रहेगा। कुल मिलाकर इसका प्रभाव लगभग 22 घंटे 51 मिनट तक रहेगा। रविवार के दिन होने के कारण इसे रवि-पुष्य नक्षत्र कहा जाता है।
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना रहेगा, जो सभी कार्यों में सफलता का संकेत है। अभिजीत मुहूर्त भी दोपहर 11:42 बजे से 12:27 बजे तक रहेगा, जो नए निवेश और खरीदारी के लिए विशेष शुभ समय माना जाता है।

ज्योतिषीय महत्व और देवताओं का प्रभाव
पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं और इसकी अधिष्ठाता देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं। वहीं रविवार और सप्तमी के स्वामी सूर्यदेव होते हैं। इन सभी ग्रहों का संयोजन इस दिन को अत्यंत शुभ बनाता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, रवि-पुष्य योग में किए गए कार्य स्थायित्व, समृद्धि और मान-सम्मान लेकर आते हैं। इस दिन की खरीदारी लंबी अवधि तक लाभदायक साबित होती है।
दीपावली से पहले खरीदारी के लिए उपयुक्त समय
दीपावली से ठीक पहले आने वाला यह रवि-पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली का पर्व है। इसलिए 1 नवंबर को सोना-चांदी, वाहन, जमीन या मकान जैसी महंगी वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ होता है।
व्यापारी इस दिन नए व्यापार की शुरुआत करते हैं और आम लोग लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हुए शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। इससे आर्थिक समृद्धि में वृद्धि की उम्मीद होती है।
खास खरीदारी मुहूर्त और उनके समय
1 नवंबर को कुल छह शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, जिनमें खरीदारी और नए काम की शुरुआत करना लाभकारी होता है। ये मुहूर्त इस प्रकार हैं:
सुबह 7:59 से 9:23 बजे तक
सुबह 9:23 से 10:46 बजे तक
दोपहर 11:48 से 12:32 बजे तक
दोपहर 1:34 से 2:57 बजे तक
शाम 5:44 से 7:21 बजे तक
शाम 7:21 से 8:57 बजे तक
इन समयों में खरीदारी करने से आर्थिक लाभ और स्थिरता मिलती है।
रवि-पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदना शुभ होता है
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना, चांदी, नए गहने, वाहन, मकान, दुकान और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना शुभ होता है। इसके अलावा पूजा से जुड़ी वस्तुएं खरीदना भी फलदायक माना जाता है।
व्यापारी नए बहीखाते खोलते हैं और निवेश करते हैं। हालांकि नकली सोना, नुकीली वस्तुएं तथा अशुभ मानी जाने वाली चीजें खरीदने से बचना चाहिए।
रवि-पुष्य नक्षत्र का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
आम आदमी के लिए यह दिन आर्थिक स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन की खरीदारी से न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक स्तर पर भी व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में उत्साह बढ़ता है।
दीपावली के करीब होने की वजह से बाजारों में रौनक बढ़ जाती है और उपभोक्ता इस अवसर का लाभ उठाकर शुभ कार्य करते हैं। इससे स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलती है।



