करवा चौथ 2026 मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ 2026 का चांद निकलने का समय जानना पूजा और व्रत खोलने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस वर्ष यह व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करवा चौथ 2026 तिथि और तिथि अवधि
करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर 2026 की रात 1:06 बजे शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रहेगी। इसलिए व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है। यह अवधि व्रतियों के लिए धार्मिक और पारंपरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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भोपाल, ग्वालियर और रायपुर में चांद निकलने का समय
भोपाल में करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:44 बजे से 7:00 बजे तक रहेगा। भोपाल में चांद निकलने का समय लगभग रात 8:26 से 8:31 के बीच होगा। वहीं, ग्वालियर में चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:14 से 8:20 के बीच रहेगा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चांद निकलने का समय रात 8:13 से 8:18 के बीच निर्धारित किया गया है।
इंदौर समेत अन्य शहरों में चांद निकलने का समय
इंदौर में चांद निकलने का समय रात 8:34 से 8:39 के बीच होगा। मध्य प्रदेश में सबसे पहले सिंगरौली में चांद रात 8:01 बजे दिखेगा, जबकि सबसे आखिरी चांद आलीराजपुर में रात 8:41 बजे देखा जाएगा। यह खगोलीय गणना व्रतियों को समय पर पूजा और व्रत खोलने में मदद करती है।
करवा चौथ व्रत की परंपरा और महत्व
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के लिए निर्जला रखती हैं। इसके पहले दिन सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसमें फल, मिठाई और सूखे मेवे शामिल होते हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, और गणेश जी की पूजा की जाती है। चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत खोलने की विधि
पूजा का शुभ मुहूर्त व्रतियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। भोपाल में यह समय शाम 5:44 से 7:00 बजे तक है। पूजा में करवा, दीपक, रोली, अक्षत, और जल का उपयोग होता है। चंद्रमा निकलने पर छलनी से चांद को देखकर अर्घ्य दिया जाता है। फिर पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला जाता है। यह रस्म पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
करवा चौथ 2026 का आम जनता और समाज पर प्रभाव
करवा चौथ का त्योहार सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह व्रत परिवारों को एक साथ जोड़ता है और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करता है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में चांद निकलने के समय के सही ज्ञान से महिलाएं अपने व्रत को सही समय पर पूरा कर सकती हैं। इस प्रकार, यह पर्व न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी परिचायक है।



