मध्य प्रदेश कैबिनेट ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस फैसले के साथ ही दीपावली के अवसर पर माटी कला को प्रोत्साहन देने का भी निर्णय लिया गया है।
EOW के लिए 345 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को मजबूत करने के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। यह राशि आर्थिक अपराधों की जांच प्रक्रिया को प्रभावी और तेज बनाने के लिए खर्च की जाएगी। इससे वित्तीय अनियमितताओं की रोकथाम में मदद मिलेगी और जांच एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
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अतः यह निर्णय प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुधारने और आर्थिक अपराधों पर कड़ी कार्रवाई करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे आम जनता को भी वित्तीय धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

दीपावली पर माटी कला को बढ़ावा
कैबिनेट ने दीपावली के पर्व को ध्यान में रखते हुए माटी कला को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। स्थानीय कुम्हारों और मिट्टी के दीयों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों में मिट्टी के दीयों और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का प्रचार करें।
इस पहल से न केवल स्थानीय कुम्हारों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल भी बढ़ेगा। इससे दीपावली उत्सव में पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग भी बढ़ेगा।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) की चार महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 3,378 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि चार जिलों की सिंचाई योजनाओं के विकास में उपयोग की जाएगी।
यह निवेश कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से फसलों की पैदावार में सुधार होगा और सूखे के प्रभाव को कम किया जा सकेगा।
कम वर्षा प्रभावित 12 जिलों के लिए राहत योजना
मध्य प्रदेश के 12 जिलों में कम वर्षा के कारण सूखे की स्थिति बनी है। कैबिनेट ने इन जिलों के किसानों को राहत देने और सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह कदम किसानों की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा। राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
सामाजिक न्याय विभाग को 651 करोड़ की वित्तीय मंजूरी
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 651 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह राशि दिव्यांगजन और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए उपयोग की जाएगी।
इससे सामाजिक समरसता बढ़ेगी और विशेष जरूरतों वाले लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज में समावेशी विकास को बल मिलेगा।
सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने के उपाय
कैबिनेट ने नगरीय निकायों और सरकारी विभागों में खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने हेतु जेम (GeM) पोर्टल के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया है। इससे सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार कम होगा और प्रक्रिया में दक्षता आएगी।
इस पहल से सरकारी खपत में लागत नियंत्रण होगा और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। आम जनता को यह कदम बेहतर प्रशासन और सेवाओं की गारंटी देगा।



