28 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आईटी स्टॉक्स में गिरावट के बीच सेंसेक्स के 9 ही शेयर हरे निशान में रहे। सेंसेक्स 352.64 अंक (0.48%) टूटकर 73,246.03 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 50.90 अंक (0.22%) नीचे आकर 22,698.85 पर बंद हुआ। इस दिन बाजार में आईटी सेक्टर के शेयरों ने सबसे अधिक दबाव झेला।
आईटी स्टॉक्स में गिरावट से लार्जकैप सूचकांकों में कमजोरी
निफ्टी आईटी इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस के शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट आई, जबकि टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर भी 2% से 3% तक टूटे। इस गिरावट के कारण लार्जकैप इंडेक्स में सुस्ती आई और बाजार का माहौल दबाव में रहा।
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इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की लिस्टिंग वाले दिन यह कमजोरी निवेशकों की चिंता का विषय बनी। वैश्विक कारणों जैसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार पर असर डाला।

सेंसेक्स के केवल 9 शेयरों ने दर्ज की बढ़त
सेंसेक्स के कुल 30 शेयरों में से मात्र 9 शेयर ही आज हरे निशान में बंद हुए। इनमें लार्सन एंड टुब्रो, ट्रेंट, एसबीआई, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं। ये शेयर बाजार को निचले स्तरों से संभालने में सहायक रहे।
वहीं, बाकी 21 शेयरों में गिरावट ने बाजार की कमजोरी को दर्शाया। यह स्थिति दिखाती है कि निवेशकों ने आईटी सेक्टर से दूर रहना ज्यादा उचित समझा।
स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन
लार्जकैप सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक संभाला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.90% की बढ़त के साथ 166.20 अंक ऊपर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स भी 0.43% (244.80 अंक) की बढ़त पर बंद हुआ।
यह संकेत है कि छोटे और मध्यम आकार के शेयरों में निवेशकों ने रुचि दिखाई, जिससे बाजार को कुछ स्थिरता मिली।
ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टरों ने बाजार को सहारा दिया
आईटी सेक्टर की गिरावट के विपरीत अन्य सेक्टरों ने सकारात्मक प्रदर्शन दिखाया। निफ्टी ऑटो सेक्टर 1.45%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.41%, मीडिया 1.38%, हेल्थकेयर 1.15% और फार्मा सेक्टर 1.04% की बढ़त के साथ बंद हुए।
इन सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार को निचले स्तरों से उबारने में मदद की। इससे पता चलता है कि निवेशक विविध सेक्टरों में अवसर तलाश रहे हैं।
वैश्विक कारणों ने बढ़ाई बाजार की अनिश्चितता
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर सतर्कता ने बाजार में दबाव बढ़ाया।
इन वैश्विक कारणों से निवेशकों की धारणा नकारात्मक रही, जिससे आईटी स्टॉक्स सहित कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखी गई।
आगे की संभावनाएं और निवेशकों के लिए सुझाव
हालांकि आज आईटी स्टॉक्स में गिरावट रही, लेकिन बाजार के अन्य सेक्टरों में सकारात्मकता देखी गई। निवेशकों को चाहिए कि वे बाजार की विविधता पर ध्यान दें और सभी सेक्टरों में संतुलित निवेश करें।
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखना आवश्यक होगा। आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए सतर्कता और रणनीति के साथ निवेश करना फायदेमंद रहेगा।



