मध्य प्रदेश सरकार ने जहरीली शराबकांड के बाद प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए देवास और सागर जिलों के कलेक्टर और एसपी की छुट्टी दे दी है। यह कदम राज्य में अवैध शराब से हुई मौतों के कारण उठाया गया है। इस फैसले के तहत कुल 5 आईएएस और 4 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है।
देवास और सागर जिलों के कलेक्टर-एसपी की छुट्टी
मध्य प्रदेश सरकार ने 27 अक्टूबर 2026 को सागर और देवास जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को हटाने का आदेश दिया। देवास के कलेक्टर ऋतुराज सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वहीं, देवास के एसपी पुनीत गहलोत को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल को पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। एसपी अनुराग सुजानिया को भी पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजा गया है।
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नए अधिकारियों की नियुक्ति
देवास जिले के नए कलेक्टर के रूप में सिवनी की पूर्व कलेक्टर नेहा मीना को नियुक्त किया गया है। देवास का नया एसपी बालाघाट के पूर्व पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा (2018 बैच) बने हैं। सागर जिले में नए कलेक्टर के तौर पर पर्यटन विकास निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार यादव को नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक के पद पर ग्वालियर की 14वीं वाहिनी से संजीव कुमार सिन्हा को तैनात किया गया है।
जहरीली शराबकांड में मौतों का आंकड़ा
सागर जिले में सितंबर 2026 में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में 26 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 13 मौतें दर्ज की गईं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ये मौतें संदिग्ध शराब सेवन के कारण हुई हैं। इस घटना ने पूरे प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर चिंता बढ़ा दी।
जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई
देवास जिला प्रशासन ने उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह के नेतृत्व में 5 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है। पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल समेत सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अभी भी जारी है।
प्रशासनिक फेरबदल का व्यापक दायरा
इस कार्रवाई में कुल 5 आईएएस और 4 आईपीएस अधिकारियों के तबादले शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर सागर, देवास, सिवनी आदि जिलों में नई पदस्थापना की गई है। इसके अलावा, पर्यटन विकास निगम और मंत्रालय में भी पदस्थापनाएं की गई हैं। इस फेरबदल से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
शराबकांड के बाद प्रशासन पर बढ़ा दबाव
जहरीली शराबकांड के बाद मध्य प्रदेश सरकार पर प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया था। इस कारण सरकार ने कलेक्टर और एसपी को हटाकर नए अधिकारियों को नियुक्त किया। आम जनता की सुरक्षा और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम आवश्यक माना जा रहा है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी कार्रवाई संभव है।



