मुंबई लोकल ट्रेन सेवा तकनीकी खराबी के कारण सोमवार सुबह से ठप हो गई, जिससे हजारों यात्री पटरियों पर उतरकर पैदल चलने को मजबूर हुए। इस तकनीकी खराबी ने पूरे सेंट्रल रेलवे के क्षेत्र में लोकल ट्रेन सेवाओं को प्रभावित किया और तीन यात्रियों की मौत होने की खबर सामने आई।
कांजुरमार्ग स्टेशन के पास सिग्नलिंग रूम में आग लगी
मुंबई लोकल ट्रेन सेवा के ठप होने की मुख्य वजह कांजुरमार्ग स्टेशन के पास सिग्नलिंग रीले रूम में आग लगना थी। इस आग से करीब 24 सिग्नल बंद हो गए, जिससे ट्रेन संचालन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके अलावा मुलुंड और ठाणे के बीच ओवरहेड वायर (OHE) की खराबी ने स्थिति और जटिल बना दी।
इस तकनीकी खराबी के कारण सीएसएमटी से कल्याण के बीच अप और डाउन दोनों लाइनें प्रभावित रहीं, जिससे लगभग 80 लोकल ट्रेनें रद्द हो गईं या फंसी रहीं।

ट्रेनों के बीच रुकने पर यात्री पटरियों पर उतरे
लगभग 70 से 90 मिनट तक ट्रेनें खड़ी रहने के कारण यात्रियों की耐 सहनशक्ति समाप्त हो गई। कई यात्री ट्रेनों से उतरकर रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने लगे। इस स्थिति ने उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया।
रेलवे प्रशासन ने बार-बार यात्रियों से पटरियों पर उतरने से बचने की अपील की, लेकिन भीड़ नियंत्रण करना मुश्किल था।
तीन यात्रियों की मौत से बढ़ी चिंता
इस तकनीकी खराबी और पटरियों पर उतरने के चलते तीन लोगों की मौत हो गई। भांडुप स्टेशन के पास 21 वर्षीय कॉलेज छात्र साहिल नवनाथ थिटे प्लेटफॉर्म बदलते समय एसी लोकल ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, घाटकोपर और विक्रोली के बीच रेलवे ट्रैक पर दो अज्ञात यात्रियों के शव बरामद हुए। इन शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस और रेलवे ने शुरू की जांच
कुर्ला जीआरपी ने तीनों मौतों के संबंध में एडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जीआरपी अधिकारी प्रवीन पडवी मामले की निगरानी कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने भी तकनीकी खराबी की पूरी जांच के आदेश दिए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच मरम्मत के बाद की जाएगी। फिलहाल, सिग्नलिंग सिस्टम में आई खराबी और ओवरहेड वायर की समस्या को प्राथमिकता से ठीक किया गया है।
सेवाओं की धीरे-धीरे बहाली
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के अनुसार, शाम 4:10 बजे से सेवाएं बहाल करना शुरू किया गया। शाम 6:18 बजे तक सभी प्रभावित लाइनों पर ट्रेन सेवाएं धीरे-धीरे पुनः चालू कर दी गईं।
हालांकि, इस तकनीकी खराबी से यात्रियों को भारी असुविधा हुई। कई लोगों को ऑफिस, स्कूल और अन्य जरूरी स्थानों पर पहुंचने में देरी हुई।
तकनीकी खराबी से मुंबई लोकल सेवा पर पड़ने वाला प्रभाव
मुंबई लोकल ट्रेन सेवा तकनीकी खराबी के चलते ठप हो गई, जो मुंबई के लाखों दैनिक यात्रीयों के लिए बड़ी समस्या रही। लोकल ट्रेन मुंबई की जीवनरेखा है और इसका ठप होना आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
आग लगने जैसी गंभीर तकनीकी खराबी से यह सवाल उठता है कि रेलवे क्या पर्याप्त सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित कर पा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया आवश्यक है।



