कोटा में एक्सप्रेस-वे हादसा के दौरान 17 अक्टूबर 2026 की सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर नाले में गिर गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में कम से कम 8 यात्रियों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में हुआ हादसा
यह हादसा सुबह लगभग 6 से 7 बजे के बीच कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल प्लाजा के पास हुआ। टेंपो ट्रैवलर, जिसमें करीब 20-25 श्रद्धालु सवार थे, अचानक नियंत्रण खो बैठा। वाहन डिवाइडर तोड़ते हुए करीब 15-20 फीट गहरे नाले में जा गिरा।
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स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। NHAI की टीम ने क्रेन की मदद से वाहन को निकाला। घायलों को कोटा के MBS अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

मध्य प्रदेश के श्रद्धालु खाटूश्यामजी मंदिर जा रहे थे
टेंपो ट्रैवलर में सवार सभी यात्री मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल जिलों से खाटूश्यामजी मंदिर (सीकर) दर्शन के लिए जा रहे थे। यात्रियों की संख्या लगभग 20 से 25 बताई गई है।
मृतकों में अधिकांश बैतूल जिले के रहने वाले हैं। घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर है, जिनका इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान कर ली गई है।
हादसे का संभावित कारण चालक की झपकी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना हो सकता है। इसी वजह से वाहन डिवाइडर तोड़कर नाले में गिर गया।
गाड़ी का अगला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हुआ है। पुलिस और प्रशासन हादसे की गहन जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारणों का पता चल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल में किया निरीक्षण
हादसे की सूचना तुरंत मिलते ही कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया और आईजी हरेंद्र महावर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का इलाज देखा और राहत कार्य का जायजा लिया।
सीमलिया थाना प्रभारी नंद सिंह ने राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक आठ शव निकाले जा चुके हैं और घायलों का इलाज चल रहा है।
राहत और बचाव कार्य में स्थानीय लोग भी हुए शामिल
हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव में सहायता दी। पुलिस, NHAI टीम और स्थानीय निवासी मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
तीन एम्बुलेंस तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लगीं। राहत कार्य जारी है और मृतकों के परिवारों को सूचना दी गई है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
यह हादसा एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार और ड्राइवर की थकान से होने वाले दुर्घटनाओं की चिंता को बढ़ाता है। स्थानीय लोग और यात्री सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम की मांग कर रहे हैं।
सरकारी और निजी स्तर पर ड्राइवरों के प्रशिक्षण तथा सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।



