भारतीय रेलवे ने अपनी दशकों पुरानी 10 अंकों वाली PNR सीरीज में बड़ा बदलाव किया है, जिससे गतिमान और वंदे भारत ट्रेनों की टिकट बुकिंग अब और भी आसान हो जाएगी। इस बदलाव के तहत, पुराने सम (Even) अंकों से शुरू होने वाले PNR नंबरों को विषम (Odd) अंकों से शुरू किया जाएगा। यह नई प्रणाली यात्रियों के लिए आरक्षण प्रक्रिया को तेज और सरल बनाएगी।
PNR सीरीज में विषम अंकों से शुरूआत की नई व्यवस्था लागू
भारतीय रेलवे ने अपनी पुरानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को नेक्स्ट जेनरेशन रिजर्वेशन सिस्टम में माइग्रेट किया है। इसके तहत, अब PNR नंबर 1, 3, 5 या 7 जैसे विषम अंकों से शुरू होंगे, जबकि पहले ये सम अंकों (जैसे 2, 4, 6, 8) से शुरू होते थे। यह बदलाव रेलवे के आरक्षण डेटाबेस को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने के लिए जरूरी था।
इस नई PNR सीरीज के तहत zonal zones की पुरानी पहचान व्यवस्था को भी बदला गया है, जिससे टिकट बुकिंग और सीटों की उपलब्धता की जानकारी अधिक सटीक और त्वरित होगी।

मुरादाबाद मंडल से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
रेलवे ने नई PNR व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल से शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट में लखनऊ-प्रयागराज इंटरसिटी (ट्रेन संख्या 14210) को शामिल किया गया है। इसके तहत देश की कुल 1,230 ट्रेनों को माइग्रेशन प्रक्रिया के लिए चुना गया है।
पायलट प्रोजेक्ट के सफल संचालन से यह बदलाव देश के बाकी हिस्सों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे यात्रियों को आरक्षण प्रणाली में होने वाली त्रुटियों से निजात मिलेगी।
गतिमान, वंदे भारत और अन्य प्रीमियम ट्रेनों पर नई PNR सीरीज
नवंबर और दिसंबर 2026 के बीच गतिमान एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों की PNR सीरीज को बदला जाएगा। इस बदलाव के बाद इन ट्रेनों की टिकट बुकिंग और सीटों की स्थिति की जांच में आसानी होगी।
रेलवे का उद्देश्य इन ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाना है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले।

नई प्रणाली से यात्रियों को क्या लाभ होंगे?
नई PNR व्यवस्था से टिकट बुकिंग के दौरान सीटों की उपलब्धता, बर्थ स्टेटस, टिकट में सुधार और सीट ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाएं अधिक सहज और तेज हो जाएंगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और वे बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
इसके अलावा, आरक्षण से जुड़ी गलतियों को सुधारने के लिए भी नई प्रणाली बेहतर तकनीकी सहायता प्रदान करेगी, जिससे यात्रियों को त्रुटिपूर्ण टिकट से बचाव मिलेगा।
दिसंबर 2026 तक देशभर में नई PNR व्यवस्था लागू होगी
रेलवे ने दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों में नई PNR व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत समस्त पुराने PNR नंबरों को विषम अंकों से शुरू होने वाले नए नंबरों में माइग्रेट किया जाएगा।
इस परिवर्तन के कारण, यात्रियों को अपनी टिकट बुकिंग में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी, खासकर जब टिकट निरस्तीकरण या परिवर्तन की बात आएगी। पुरानी प्रणाली के टिकटों को नए सिस्टम में ठीक से अपडेट करना आवश्यक होगा।
रेलवे की तकनीकी उन्नति और भविष्य की तैयारी
यह बदलाव रेलवे की सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा विकसित नेक्स्ट जेनरेशन रिजर्वेशन सिस्टम का हिस्सा है। इस तकनीकी उन्नति का मकसद आरक्षण प्रणाली को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना और यात्रियों को बेहतर सेवा देना है।
नई प्रणाली से न केवल टिकटिंग प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि डेटा सुरक्षा और ट्रैकिंग में भी वृद्धि होगी, जिससे रेलवे की समग्र कार्यक्षमता बेहतर होगी।



