मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन साफ और सुहाना मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और भोपाल में धूप खिली रहेगी। इस दौरान पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि पश्चिमी इलाकों में गर्माहट महसूस होगी।
मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान
मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान राज्य में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। विशेष रूप से भोपाल, इंदौर और बड़वानी जैसे शहरों में धूप निकलने का अनुमान है। इससे दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहेगा।
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हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश में रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। यह बारिश चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के कारण हो रही है।
भोपाल और इंदौर में धूप खिलने से मौसम हुआ सुहाना
राजधानी भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। वहीं, रात का न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस कारण दिन के समय मौसम सुहाना और आरामदायक बना हुआ है।
इसी तरह इंदौर में भी मौसम शुष्क और साफ है। यहां धूप खिलने से लोगों को बाहर निकलने में सुविधा मिल रही है। यह मौसम व्यापार और दैनिक गतिविधियों के लिए अनुकूल है।
पूर्वी जिलों में बारिश का दौर जारी, शहडोल संभाग में हल्की बूंदाबांदी
पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, अनूपपुर, और सीधी जैसे जिलों में अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। यह बारिश कृषि कार्यों के लिए लाभकारी हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां खेतों की नमी कम हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण हो रही है। हालांकि, यह प्रणाली जल्द ही कमजोर होने की संभावना है, जिसके बाद पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क हो जाएगा।

राज्य में न्यूनतम और अधिकतम तापमान का हाल
मध्य प्रदेश के तापमान में भी मौसम की साफ-सफाई झलक रही है। पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है।
वहीं, दिन के उच्चतम तापमान की बात करें तो बड़वानी (तालुन) में 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस तरह तापमान में दिन और रात के बीच काफी अंतर देखने को मिल रहा है, जो मौसम के संतुलित रहने का संकेत है।
मानसून की विदाई के बाद बारिश में 4 प्रतिशत की कमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जून से सितंबर के बीच 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर था।
मानसून की वापसी 3 अक्टूबर को हो चुकी है, लेकिन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी जिलों में बारिश बनी हुई है। इसके बाद 12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ और सुहाना रहेगा।
आगामी दिनों में मौसम के प्रभाव और सुझाव
मौसम विभाग ने बताया है कि 12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। इससे किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों की योजना बनाने में सुविधा होगी।
हालांकि, दिन और रात के तापमान में बड़े अंतर के कारण स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना आवश्यक है। लोगों को सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए मौसम के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए और पर्याप्त पानी पीना चाहिए।



