भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में राज्यस्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विस्तार, सहकारिता, नशामुक्ति और नए आपराधिक कानूनों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। भेल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब 35 हजार गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य शामिल हुए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करेंगे। भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर हुए 11 जिलों के करीब 35 हजार गोपालकों के सम्मेलन में उन्होंने गोशालाओं को ₹101 करोड़ दिए। उज्जैन में बन रहे ₹255 करोड़ के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन किया।
👉 यह भी पढ़ें:
- कैलाशजी, मंत्रिमंडल की बैठक में आप खुद ही नहीं जाते, फिर सीएम क्या आपके घर आकर बात करें या फिर हर दिन फोन लगाएं?
- सिर्फ मीडिया में बयान देने से कुछ नहीं होगा उमंग सिंघारजी, विपक्ष का धर्म निभाइए, मैदान में जाइए
- मध्यप्रदेश पुलिस के नए मुखिया की तलाश शुरू, तीन नामों पर टिकी निगाहें
- सीएम ने हार्डिया को बना दिया डॉक्टर, भाषण का समय नहीं था तो सिलावट ने लगवा दिए नारे!
- एमपी में एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड विवाद, कितनी जायज है मांग?
- दुबई में निवेश प्रस्ताव से मध्य प्रदेश में रोजगार की बरसात
शाह ने कहा- कांग्रेस को हिसाब देने आया हूं
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेसी हमारा विरोध करते हैं। मैं आज उनको हिसाब देने आया हूं। आपने 75 साल में देश में दूध का कुल उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन पहुंचाया था। मोदी जी ने 10 साल में 25 करोड़ तक पहुंचाने का काम किया है। ये इसलिए होता है कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें लगन से काम कर रही हैं। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन 2014-15 में 307 ग्राम था, अब 58 प्रतिशत बढ़कर 485 ग्राम पर पहुंच गया है। हमारा देश दुनियाभर में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश बना है। इसमें पहले 5 राज्य- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र बीजेपी शासित ही हैं।

आपके बेटे-बेटी के लिए नशे की जगह नहीं होगी
अमित शाह ने कहा कि मेरी एक मीटिंग मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ है। मध्यप्रदेश 31 दिसंबर 2029 के पहले नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए, इस प्रकार की बारीक प्लानिंग करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश के सारे अभिभावकों को, विशेष कर माताओं को कहने आया हूं आपके बेटे-बेटी के लिए नशे की जगह ही नहीं होगी, उनका उज्ज्वल भविष्य होने वाला है
डेयरी क्षेत्र को लेकर बड़ा फोकस
गोपालक सम्मेलन में अमित शाह ने डेयरी सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पशुपालकों, दूध उत्पादकों और विशेष रूप से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रतिदिन तीन लाख लीटर क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन किया। इसके अलावा भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया गया। भोपाल में 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राज्यस्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया, जबकि शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के करीब 6.5 करोड़ रुपये के सुदृढ़ीकरण कार्य का डिजिटल उद्घाटन किया गया।
गोपालकों और गौशालाओं को आर्थिक मदद
कार्यक्रम में दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े सदस्यों को बोनस भी दिया गया। गौशालाओं को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रही। विभिन्न रिपोर्टों में इस सहायता को 101 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र भी दिए गए।
‘श्वेत क्रांति’ को लेकर संदेश
सम्मेलन में अमित शाह ने प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र के विस्तार को लेकर जोर दिया। उन्होंने गोपालकों की बड़ी भागीदारी को मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए सकारात्मक संकेत बताया। कार्यक्रम में दूध उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया गया। सहकारिता के माध्यम से छोटे पशुपालकों को बाजार, प्रसंस्करण और आर्थिक लाभ से जोड़ने को केंद्र सरकार की सहकारिता नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। केंद्र की आधिकारिक कार्यक्रम-सूचना के मुताबिक डेयरी सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने तथा पशुपालकों और दूध उत्पादकों की आय एवं आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साधन के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नए आपराधिक कानूनों का किया जिक्र
भोपाल दौरे के दौरान अमित शाह ने मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से लगाए गए नए आपराधिक कानूनों पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में नए कानूनों के लागू होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच व्यवस्था में हुए बदलावों को प्रदर्शित किया गया। शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक तीन वर्ष के भीतर न्याय दिलाने की व्यवस्था का लक्ष्य है। उन्होंने पुराने औपनिवेशिक कानूनों और नए आपराधिक कानूनों के उद्देश्य में अंतर बताते हुए कहा कि नए कानून नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा को केंद्र में रखते हैं।



