नेतन्याहू ने कहा, एक हिंदुस्तानी ने दुनिया में नाम किया, पीएम मोदी ने भी जताया सम्मान इस घटना ने विश्व स्तर पर भारतीय पायलट की बहादुरी को उजागर किया है। 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट द्वारा किए गए हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी सूझबूझ और साहस से 174 लोगों की जान बचाई।
फ्लाईदुबई उड़ान FZ1073 में हुआ कॉकपिट हमला
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में एक ओमान मूल के सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। हमलावर का उद्देश्य विमान को क्रैश कराना था। इस खतरनाक स्थिति में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद डटे रहे और हमलावर का मुकाबला किया।
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इस हमले ने विमान को गंभीर संकट में डाल दिया, लेकिन कैप्टन की बहादुरी ने इसे बड़ी त्रासदी बनने से रोका। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल होकर क्रू और यात्रियों को सहायता का मौका दिया।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से बचीं 174 जानें
कैप्टन स्मित मच्छार के साहस के कारण विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित रहे। इनमें 150 इजराइली नागरिक और 27 बच्चे शामिल थे। फ्लाईदुबई के दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और सऊदी अरब के ताबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
इस घटना ने यह साबित किया कि कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और आत्मबल से एक बड़ी हवाई त्रासदी टल गई।
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दी भारतीय पायलट को शाबाशी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को ‘सच्चा नायक’ बताते हुए उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट ने 9/11 जैसी एक बड़ी हवाई त्रासदी को टाल दिया। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि मच्छार की बहादुरी ने सभी की जान बचाई है।
उनके इस बयान ने भारतीय पायलट की बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जताया सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर को UPSC के शताब्दी समारोह में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार आप एक हीरो हैं, पूरे देश को आप पर गर्व है।” पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी उनकी प्रशंसा की और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
यह सम्मान भारतीय नागरिक के साहस को देश और दुनिया के सामने उजागर करता है।
वैश्विक नेताओं ने भी की सराहना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, और कई केंद्रीय मंत्री भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर प्रशंसा कर चुके हैं। इजरायल में बेन गुरियन एयरपोर्ट के लाउंज का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने की योजना है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि उनके साहस को विश्व स्तर पर सम्मान मिला है।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का आम आदमी पर असर
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से यह संदेश मिलता है कि संकट की स्थिति में साहस और तत्परता से बड़े नुकसान को टाला जा सकता है। आम नागरिकों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत है कि वे भी मुश्किल समय में हिम्मत न हारें।
इसके अलावा, यह घटना भारत के वैश्विक सम्मान को बढ़ाती है और भारतीयों की क्षमताओं को दुनियाभर में पहचाने जाने का अवसर बनती है।



