आयकर विभाग ने 28 सितंबर 2026 को बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, फिल्म निर्माता वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। मुंबई में करीब 12 स्थानों पर यह तलाशी अभियान टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के संदेह में चलाया गया। इस कार्रवाई में आयकर विभाग ने फिल्म प्रोजेक्ट्स, शूटिंग खर्च और विदेशी वितरण के नाम पर कथित फंड विदेशों में भेजे जाने के मामले की जांच शुरू की है।
आयकर विभाग की छापेमारी का विस्तार और मुख्य लक्ष्य
मुंबई की विभिन्न जगहों पर आयकर विभाग की टीमें एक साथ पहुंचीं और रकुल प्रीत सिंह, उनके पति जैकी भगनानी, ससुर व फिल्म निर्माता वाशु भगनानी के ठिकानों समेत पैनोरमा स्टूडियोज और अली अब्बास जफर के दफ्तरों पर तलाशी ली। विभाग इस मामले में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े वित्तीय दस्तावेज और विदेशी लेनदेन के रिकॉर्ड की गहनता से जांच कर रहा है।
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन और फिल्म प्रोडक्शन के नाम पर फंड रूटिंग की जांच के तहत हो रही है। विभाग को सूचना मिली थी कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए बड़ी रकम विदेश भेजी गई है।

टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप
आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान फिल्म शूटिंग, विदेशी वितरण और प्रोडक्शन से जुड़े वित्तीय लेनदेन के दस्तावेजों की तलाशी ली। आरोप है कि इन लेनदेन में कथित तौर पर टैक्स चोरी और फंड रूटिंग की गई है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने इस आरोप को स्वीकार नहीं किया है और जांच जारी है।
विभाग ने इन मामलों में वित्तीय गड़बड़ी के सबूत तलाशने के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। यह कार्रवाई फिल्म उद्योग में वित्तीय पारदर्शिता लाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
रकुल प्रीत सिंह और वाशु भगनानी के ठिकानों पर छापेमारी
आयकर विभाग की टीमों ने रकुल प्रीत सिंह के निजी और व्यावसायिक ठिकानों पर भी तलाशी ली। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस छापेमारी में उनके खिलाफ व्यक्तिगत टैक्स अनियमितता के आरोप हैं या यह व्यापक जांच का हिस्सा है।
वाशु भगनानी, जो बॉलीवुड के अनुभवी निर्माता हैं, के कार्यालय और परिसरों पर भी विभाग ने जांच की। वाशु भगनानी की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट कई सफल फिल्मों का निर्माण कर चुकी है। इस कार्रवाई से फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मची हुई है।
पैनोरमा स्टूडियोज और अली अब्बास जफर के ठिकानों की जांच
आयकर विभाग ने पैनोरमा स्टूडियोज के प्रमुखों कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक के कार्यालयों पर भी तलाशी अभियान चलाया। यह कंपनी ‘‘दृश्यम’’ जैसी चर्चित फिल्मों से जुड़ी है। विभाग ने इसके वित्तीय रिकॉर्ड और विदेशी लेनदेन की जांच की।
फिल्म निर्देशक अली अब्बास जफर के दफ्तर पर भी तलाशी ली गई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनके खिलाफ विशेष रूप से क्या आरोप हैं। विभाग की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई इसी आधार पर तय होगी।
आम जनता और फिल्म उद्योग पर इस कार्रवाई का प्रभाव
इस छापेमारी से फिल्म उद्योग में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग और बढ़ेगी। आम आदमी के लिए यह संकेत है कि टैक्स चोरी जैसी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इससे टैक्स सिस्टम में सुधार होने की उम्मीद है।
फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय अनियमितताओं की जांच से भविष्य में बेहतर नियमन की संभावना बढ़ेगी, जिससे उद्योग की छवि सुधरेगी। हालांकि, जांच पूरी होने तक सभी आरोप मात्र संदेह ही हैं।
आयकर विभाग की जांच प्रक्रिया और आगे की संभावनाएं
आयकर विभाग ने अभी तक किसी भी ठोस निष्कर्ष या कर उल्लंघन की घोषणा नहीं की है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच शुरू कर रखी है।
जांच के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। समय के साथ ही इस मामले में और जानकारी सामने आएगी जो जांच के परिणाम बताएगी।



