जमुई जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस के नीचे आकर रेलकर्मी राकेश कुमार साव की मौत ने रेलवे विभाग और स्थानीय समुदाय को शोक में डुबो दिया है। यह दर्दनाक घटना 24 सितंबर 2026 को दानापुर-आसनसोल रेलखंड के रानीकुरा गांव के पास हुई।
वंदे भारत एक्सप्रेस के नीचे आने से रेलकर्मी की मौत कैसे हुई
वंदे भारत एक्सप्रेस के नीचे आने की इस घटना में मृतक राकेश कुमार साव अपनी नियमित ड्यूटी पर थे। वे रेलवे फाटक संख्या 39 के समीप, पोल संख्या 370/22 और 370/24 के बीच डाउन लाइन पर कार्यरत थे। ट्रेन की अत्यंत तेज रफ्तार के कारण वह सुरक्षित दूरी बनाने में असमर्थ रहे और ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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दुर्घटना स्थल और घटना का समय
यह दुखद दुर्घटना जमुई जिले के रानीकुरा गांव के पास दानापुर-आसनसोल मुख्य रेलखंड पर हुई। घटना रेलवे फाटक संख्या 39 के समीप हुई, जो पोल संख्या 370/22 और 370/24 के बीच स्थित है। घटना का समय 24 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन था, जब वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी सेमी हाई-स्पीड रफ्तार से रेललाइन पर गुजर रही थी।
रेल प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच की शुरुआत
इस रेल हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। मौके पर रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस तुरंत पहुंच गए थे। उन्होंने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेलवे विभाग ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है।
रेलकर्मी राकेश कुमार साव के परिवार की प्रतिक्रिया
राकेश कुमार साव, जिनकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी, उनके निधन से परिवार और स्थानीय समुदाय में गहरा शोक पसरा है। हादसे की खबर मिलते ही उनके स्वजन और साथी रेलकर्मी घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। परिवार के लोग इस अप्रत्याशित क्षति से स्तब्ध हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
रेल सुरक्षा और भविष्य में सुधार की आवश्यकता
इस घटना के बाद रेल सुरक्षा और कर्मचारी सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है। तेज रफ्तार ट्रेनों के बीच रेलकर्मियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए, यह एक महत्वपूर्ण सवाल बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी मदद से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
आम जनता और रेल सेवा पर इस घटना का प्रभाव
वंदे भारत एक्सप्रेस के नीचे आकर रेलकर्मी की मौत से न केवल रेलकर्मियों में चिंता बढ़ी है, बल्कि आम जनता भी इस घटना से चिंतित है। दुर्घटना के कारण रेल सेवा में कुछ देर के लिए बाधा आई। इसके अलावा, इस हादसे ने रेल सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता को भी उजागर किया है।



