पर्यावरण सम्मेलन में पीएम मोदी ने भारत की उपलब्धियां गिनाईं और खासतौर पर सौर ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन विश्व औसत से आधा कम है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम है।
भारत का कम कार्बन उत्सर्जन पर्यावरण सम्मेलन में प्रमुख विषय
पर्यावरण सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन को लेकर स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विकसित देशों में यह उत्सर्जन भारत से छह गुना अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ जिम्मेदार और सतत प्रयास कर रहा है।
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इसके अलावा, मोदी ने पेरिस समझौते के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को भी रेखांकित किया, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य शामिल हैं।

सौर ऊर्जा के माध्यम से किसानों को मिला बड़ा लाभ
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों की बात की। उन्होंने कहा कि सोलर पंप योजना के तहत लगभग 30 लाख किसानों को लाभ मिला है। यह योजना ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार का एक सफल उदाहरण है।
इसके चलते न केवल किसानों की उत्पादन लागत कम हुई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है। यह पहल भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को साकार करने में सहायक साबित हो रही है।
ग्रीन हाइड्रोजन के विकास में भारत की भूमिका
पीएम मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन से ऊर्जा उत्पादन पर्यावरण के अनुकूल होगा और यह जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करेगा।
इस तकनीक के विकास से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और यह वैश्विक जलवायु लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक होगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत की योजनाओं का समग्र प्रभाव
मोदी ने कहा कि भारत ने जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से कुसुम योजना भी है, जो सौर ऊर्जा को किसानों तक पहुंचाने में कारगर साबित हुई है।
ये योजनाएं न केवल ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देती हैं, बल्कि ग्रामीण विकास और आर्थिक समृद्धि में भी योगदान कर रही हैं।
आगे बढ़ रहे भारत के पर्यावरणीय लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में बताया कि भारत भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए कदम उठाएगा। उन्होंने देशवासियों से इस दिशा में सहयोग और जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।
इसके तहत, भारत की जलवायु नीतियां और तकनीकी नवाचार पर्यावरणीय संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विश्व समुदाय के साथ भारत की साझेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक समुदाय के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस साझेदारी से विश्व स्तर पर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ प्रभावी रणनीतियां बनेंगी और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।



