इंदौर। इंदौर में शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 शुरू हुआ। इसका शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि करीब 20 साल बाद परिवहन सेवा के क्षेत्र में सरकार नया मॉडल लेकर आई है। इसके तहत परिवहन ऑपरेटरों को नई टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा और यात्रियों को सुगम व सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर फोकस रहेगा।
बाबा को दे दी डॉक्टर की उपाधि
अपने भाषण की शुरुआत में सीएम डॉ.मोहन यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं के नाम लिए। इस दौरान जब विधायक महेंद्र हार्डिया के नाम की बारी आई, तो सीएम ने उन्हें डॉक्टर महेद्र हार्डिया संबोधित कर दिया। इस पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में खुसर-पुसर होने लगी। लोगों ने कहा कि जैसे बाबा इन दिनों सक्रिय नजर आ रहे हैं तो सीएम ने उन्हें डॉक्टर बना दिए। कल ही बाबा आईडीए में धुआंधार बल्लेबाजी करते नजर आए थे।
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सिलावट ने मंच से लगवा दिए नारे
कार्यक्रम में जब मंत्री तुलसी सिलावट के संबोधन की बारी आई तो उन्हें यह भी बता दिया गया था कि सीएम को दिल्ली जाना है। समय कम है। सिलावट माइक पर आए और सीएम जिंदाबाद के नारे लगवा दिए। इस तरह वे बिना भाषण ही मंच लूट ले गए।
‘मित्र मंत्री’ ने बनाई कार्यक्रम से दूरी
यात्री परिवहन सेवा में क्रांति लाने वाले इस कार्यक्रम से इंदौर निवासी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नजर नहीं आए। कार्यक्रम में चर्चा रही कि उन्होंने सीएम से अपनी मित्रता एक बार फिर निभाई है। वैसे भी लोग उनसे ऐसी ही उम्मीद रखते हैं।
75 फीसदी गावों तक बस सेवा के प्रयास
सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश में करीब 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है और 15 हजार से अधिक बसों के संचालन की संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बस सेवा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ऐसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जो आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद, पर्यावरण-अनुकूल और डिजिटल तकनीक से युक्त हो तथा देश के लिए एक उत्कृष्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बने।
ग्रामीण और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई बस सेवा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने के साथ ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। प्रदेश के 55 जिलों में रूट सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके आधार पर करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाने की योजना है। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और अन्य हितधारकों से सरकार के साथ जुड़कर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
तीन प्रमुख स्तंभों पर तैयार होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को तीन प्रमुख आधारों पर विकसित किया जा रहा है। इनमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के माध्यम से बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और आधुनिक परिवहन अधोसंरचना शामिल हैं। बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो और बस स्टॉप विकसित करने के साथ डिजिटल टिकटिंग और रियल टाइम यात्री सूचना प्रणाली लागू करने की भी योजना है।
भोपाल-इंदौर में रैपिडो के साथ पायलट प्रोजेक्ट
सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुंच आसान बनाने और फर्स्ट एवं लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) और रैपिडो के बीच एमओयू किया गया। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों की जानकारी रैपिडो के तकनीकी प्लेटफॉर्म से एकीकृत की जाएगी। महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह व्यवस्था प्रारंभिक तौर पर भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते महीने इंदौर को मेट्रो की सौगात दी गई और अब नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का निर्माण बड़े स्तर पर हो रहा है और यहां से दुनिया के कई हिस्सों में इसकी सप्लाई हो रही है। सरकार का प्रयास है कि इसका लाभ सबसे पहले प्रदेश को मिले। इसी उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को सेवा संकल्प माह के तहत प्रदेश की सड़कों पर यात्री परिवहन सेवाओं का नया स्वरूप जनता के बीच आएगा। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशवासियों को अलग-अलग क्षेत्रों में कई नई सेवाओं और सुविधाओं की सौगात मिलेगी।



