इंदौर। फाइव स्टार की कीमत में लोगों को खाना परोसने वाले सयाजी होटल से अब भरोसा टूटता जा रहा है। पिछले दिनों कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने जांच की थी। इसमें काफी गड़बड़ियां मिली थीं। इसके बाद यहां से लिए गए 8 नूमनों में से पांच फेल हो गए। अब हालत यह है कि लोग यहां शादियां की बुकिंग भी कैंसिल कराने लगे, लेकिन ऐसे मामलों में भी होटल दादागिरी दिखा रहा है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के पास एक ऐसा ही परिवार सयाजी की शिकायत लेकर पहुंचा था। इसमें कहा गया था कि हाल ही में प्रशासन की कार्रवाई के बाद मिली गड़बड़ियों के कारण उन्होंने शादी की बुकिंग कैंसिल कराने का फैसला लिया। लेकिन, होटल ने एडवांस के रूप में जमा 7 लाख रुपए देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं जब होटल से कहा गया कि हम बाहर से कैटरिंग की व्यवस्था कर लेंगे तो उसने इनकार कर दिया।
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दो नए डायरेक्टर आने के बाद बिगड़ी व्यवस्था
सयाजी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस होटल में पिछले साल दो नए डायरेक्टर नियुक्त हुए थे। इनके आने के बाद पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है। कोई क्वालिटी मेंटेन नहीं हो रहा और न ही लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। यह दोनों डायरेक्टर उस कंपनी से जुड़े हैं, जिसने गड़बड़ियां कर कई होटल, मॉल और बिजनेस पार्क खड़े कर लिए हैं।
सबकुछ मैनेज कर लेने में माहिर है प्रबंधन
सयाजी होटल को लेकर पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन सबकुछ मैनेज होता रहा है। इस बार कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की, लेकिन सयाजी को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। होटल प्रबंधन का मानना है कि वह खुलेआम कुछ भी कर सकता है। प्रबंधन से जुड़े नए डायरेक्टरों का तो दावा है कि वह कुछ भी मैनेज कर सकते हैं।
जनता का भरोसा टूटना दुखद
दादागिरी से अब तक होटल चलाने वाले सयाजी प्रबंधन की पोल प्रशासन खोल चुका है। विडंबना यह कि इतना कुछ सामने आने के बाद भी सुधार की कोई गुंजाइश दिख नहीं रही। शहर के लोगों का कहना है कि इतने बड़े होटल ने भरोसा तोड़ दिया। खाने-पीने के लिए मशहूर शहर के लिए यह बहुत दुखद है।
पहले किचन में मिली थीं ऐसी गड़बड़ियां
सयाजी पर कार्रवाई की शुरुआत उस समय हुई, जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टोरेज एरिया में चूहे और किचन में कॉकरोच के निशान मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों को फंगस लगी मूंगफली, एक्सपायरी टैग वाले उबले आलू और करीब 66-67 किलो ऐसा कच्चा नॉनवेज भी मिला, जिस पर निर्माण अथवा पैकिंग की तारीख स्पष्ट नहीं थी।
वेज-नॉनवेज में कोई अंतर नहीं
जांच में वेज और नॉनवेज सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखे जाने सहित खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके बाद प्रशासन ने होटल के किचन सील किए और खाद्य लाइसेंस निलंबित किया।
अब सैंपल रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
किचन में मिली गड़बड़ियां सामने आने के बाद होटल प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी उम्मीद लैब रिपोर्ट को लेकर थी। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। आठ में से पांच नमूनों का मानकों पर खरा नहीं उतरना इस मामले को सिर्फ सफाई और रखरखाव की लापरवाही से आगे ले जाता है। खासकर दो नमूनों का असुरक्षित पाया जाना ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। तीन अन्य नमूनों के अवमानक मिलने से भी होटल में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
शादियों की बुकिंग पर भी असर
सयाजी होटल इंदौर में शादी, रिसेप्शन, कॉरपोरेट कार्यक्रम और बड़े सामाजिक आयोजनों के लिए लंबे समय से पसंदीदा स्थान रहा है। लेकिन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद अब आयोजन कराने वाले परिवार भी दोबारा सोचने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ ग्राहक शादियों और आयोजनों की बुकिंग को लेकर असमंजस में हैं और कुछ मामलों में बुकिंग कैंसिल कराने की चर्चा भी सामने आई है। आयोजकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि शादी जैसे बड़े कार्यक्रम में सैकड़ों मेहमानों को भोजन परोसा जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कोई सवाल उठना पूरे आयोजन की प्रतिष्ठा पर असर डाल सकता है।
हाईकोर्ट से मिली थी राहत
सयाजी होटल प्रबंधन ने खाद्य लाइसेंस निलंबित करने और किचन सील किए जाने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 22 अगस्त को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में निलंबन आदेश के प्रभाव पर रोक लगाते हुए किचन खोलने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी कहा था कि खाद्य पदार्थों के असुरक्षित या मिलावटी होने का अंतिम विश्लेषण आने से पहले की गई कार्रवाई पर प्रथमदृष्टया विचार की जरूरत है। अब लैब रिपोर्ट में पांच नमूनों के फेल होने के बाद इस पूरे मामले की गंभीरता एक बार फिर बढ़ गई है।



