दिशा सालियान की मौत की सीबीआई जांच के आदेश बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिए हैं। यह फैसला दिशा के पिता सतीश सालियान की याचिका पर आया है।
सीबीआई को जांच का निर्देश
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस रणजीतसिंह राजा भोंसले की खंडपीठ ने 44 पन्नों के फैसले में यह आदेश दिया। यह फैसला दिशा के परिवार के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से न्याय की उम्मीद कर रहे थे। सीबीआई के पास अब यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष और प्रभावी जांच करके सच्चाई को सामने लाए।
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मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल
हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने पाया कि पुलिस ने छह साल तक मामले को केवल एडीआर के तहत दर्ज किया और एफआईआर दर्ज नहीं की। यह दिखाता है कि पुलिस की जांच में कई खामियां थीं, जिससे दिशा के परिवार को न्याय मिलने में देरी हो रही थी। अदालत का मानना है कि इस मामले में पुलिस की लापरवाही से न्याय प्रक्रिया बाधित हुई है।
एफआईआर दर्ज करने का निर्देश
अदालत ने सीबीआई को दिशा सालियान मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज करने और उनके पिता का बयान लेने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मुंबई पुलिस को सभी दस्तावेज तुरंत सीबीआई को सौंपने को कहा गया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सीबीआई को जांच के लिए सभी आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज चाहिए, ताकि वह निष्पक्ष रूप से मामले की तह तक जा सके।
कोर्ट का आदेश और सावधानियां
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने तक किसी को आरोपी नहीं माना जाएगा। यानी सीबीआई की जांच का उद्देश्य तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना है। यह निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि किसी निर्दोष को बेवजह परेशान न किया जाए और सही व्यक्ति पर ही कार्रवाई हो।
आम आदमी पर असर
इस आदेश के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि दिशा की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी। यह उन मामलों के लिए भी नजीर बनेगा जहां पुलिस जांच में देरी होती है। लोगों का मानना है कि ऐसे आदेश से पुलिस पर भी दबाव बनेगा कि वे जांच को सही दिशा में ले जाएं और समय पर निष्कर्ष पर पहुंचें, जिससे न्याय में देरी न हो।
आगे की प्रक्रिया
अब सीबीआई दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन जांच करेगी। यदि पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो आगे की कार्रवाई शुरू होगी। सीबीआई की टीम मामले की हर पहलू की जांच करेगी, जिसमें घटनास्थल का पुनर्निर्माण और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल हैं। यह प्रक्रिया समय ले सकती है, लेकिन निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है।
जनता की अपेक्षाएं
जनता की नजरें अब सीबीआई की जांच पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच में दिशा की मौत के रहस्यों से पर्दा हटेगा। यह मामला न सिर्फ दिशा के परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है। न्याय की उम्मीद में लोग एकजुट हैं और सीबीआई से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपेक्षा करते हैं।



