नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 से 15 अगस्त के बीच देश के बड़े हिस्से में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्यों के साथ मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम का असर ज्यादा रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क संपर्क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश में पहले ही बारिश और बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान की जानकारी सामने आ चुकी है। राज्य में अब तक करीब 835 करोड़ रुपये के नुकसान और 66 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
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असम में बाढ़ का संकट गहराया
पूर्वोत्तर में असम की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता बढ़ा रही है। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण राज्य में मृतकों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित है और राहत तथा बचाव अभियान जारी है।
मौसम विभाग ने असम और मेघालय में 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। 13 से 15 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात और बिगड़ने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश में भी 11 से 15 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान से मध्य प्रदेश तक बारिश का असर
राजस्थान में जयपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी। जयपुर में सुबह कुछ घंटों तक लगातार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया, जबकि चूरू की कई कॉलोनियां भी प्रभावित हुईं। पूर्वी राजस्थान में 9 से 13 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है और 10-11 अगस्त को कुछ जगह बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय है। डिंडौरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक करीब छह इंच बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में भी 9-10 अगस्त और 12-15 अगस्त के बीच व्यापक बारिश का अनुमान है।
ओडिशा में नदियां उफान पर, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
ओडिशा में लगातार बारिश के कारण बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा और जाजपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बैतरणी, सालंदी, कानी और महानदी नदी तंत्र में जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क है।
छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के बाद हीराकुद बांध के 12 स्लुइस गेट खोले गए हैं। तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी बारिश
बिहार में 13 से 15 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
झारखंड में पूरे सप्ताह बारिश का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 10 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश और कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है, हालांकि अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और दक्षिण भारत में भी बारिश
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश की संभावना है। कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में तेज हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मैदानी इलाकों में जलभराव, नदियों के किनारे बाढ़ और तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं का खतरा बना रह सकता है। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।



