देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
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उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए पर्यटकों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश कृषि क्षेत्र के लिए राहत लेकर आ सकती है। धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी वहां खेतों में जलभराव किसानों की चिंता भी बढ़ा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई बनाए रखने और जमा पानी को हटाने की सलाह दी है। नगर निकायों को भी जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शहरों में जलभराव की समस्या कम हो सके।
मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। यदि किसी क्षेत्र में रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है तो स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा। आने वाले दो दिनों में मानसून की स्थिति पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी क्योंकि इसका असर परिवहन, खेती और जनजीवन पर सीधे तौर पर पड़ सकता है।
उधर विशाखापट्टनम में खराब मौसम को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अन्य राज्यों में स्थानीय प्रशासन स्थिति के अनुसार फैसला ले सकता है।



