देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी तंत्र और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखी जा सकती है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, महानगरों में ट्रैफिक प्रभावित होने और दैनिक जीवन पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनती है तो स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपदा प्रबंधन दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, हालांकि अत्यधिक वर्षा होने पर धान, सोयाबीन और अन्य फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार सिंचाई और खेत प्रबंधन की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते जलवायु पैटर्न के कारण मानसून की तीव्रता और वर्षा का वितरण लगातार बदल रहा है। ऐसे में मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।



