नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। बिहार में तो कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक बार फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक ट्वीट किया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए समझौते के अनुसार काम न होने की बात कही है। रांका ने कहा कि समझौते में कहा गया था कि आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद भी बिहार और बंगाल में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दिल्ली में सैकड़ों छात्रों को सर्विलांस किया गया है या फिर उनका उत्पीड़न हुआ है। ऐसा कई राज्यों में हो रहा है।
छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्रकरण वापस हों
सीजेपी ने कहा कि दिल्ली और आसपास के कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की बात भी सामने आई है। हमारी डिमांड है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी केसों को तुरंत वापस लिया जाए। इसके अलावा भविष्य में भी इस आंदोलन से जुड़े मामलों में केस दर्ज न किए जाएं। हमारी डिमांड है कि कल तक आप इस संबंध में हमें जानकारी दें। यह बताएं कि भारत सरकार कब क्या कर रही है या करेगी। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि इन केसों को वापस नहीं लिया गया और पुलिस का एक्शन जारी हुई तो हम फिर से जंतर मंतर पर बैठने को मजूबर होंगे और आंदोलन करेंगे?
समझौते में सीजेपी ने रखी थी डिमांड
उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को सरकार और सीजेपी के बीच एक समझौता हुआ था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया था और उसी दिन सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ बैठे मंत्रियो ने बताया था कि छात्रों पर केस दर्ज नहीं होंगे। पहले से दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। छात्रों के साथ समझौते में जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद थे।
बुधवार तक मांगी एग्रीमेंट की कॉपी
सीजेपी ने इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें सीजेपी के आशुतोष रांका ने कहा कि तीसरे राउंड की वार्ता में यह तय हुआ था कि सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केसों को वापस लिया जाएगा। इसके अलावा नए मुकदमे दर्ज भी नहीं होंगे। इस संबंध में एक लिखित मसौदा हमने तैयार करके सरकार को दिया था। अब उस पर लिखित समझौता बुधवार तक हमें मिलने की बात कही गई है।



