नई दिल्ली। पूरे देश में पेपर लीक पर मचे बवाल के बीच सरकार अब नींद से जाग गई है। प्रदर्शनकारियों से बातचीत के प्रयासों के साथ ही सोनम वांगचुक का अनशन भी तुड़वा दिया गया है। अब कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार पेपर लीक होने से रोकने के लिए बिल लाने की तैयारी में है। नकल-विरोधी मौजूदा कानूनों को और सख्त किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पेपर लीक को लेकर सरकार पहले जो बिल लाई थी, उसी में संशोधन कर प्रावधानों को और कड़ा कर सकती है। केंद्र पेपर लीक को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बाद ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन लाने की योजना बना रहा है। नए संशोधन के बाद पेपर लीक में दोषी पाए जाने वालों को 10 साल की कैद की सजा हो सकती है और 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
👉 यह भी पढ़ें:
- NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा-एनटीए को यूपीएससी से सीखना चाहिए
- NEET UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की चार्जशीट में कई खुलासे, परीक्षा के तीन दिन पहले ही लीक हो गए थे पेपर
- NEET Paper Leak मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा-अब गलतियों का सिलसिला खत्म करना होगा
- NEET पेपर लीक पर सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- ‘छात्रों की आवाज दबाने के बजाय जवाबदेही तय करे सरकार’
- Paper Leak Controversy: पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पलटवार, बोले- ‘मरहम नहीं, चोट की वजह का इलाज जरूरी’
- Paper Leak पर PM मोदी का बड़ा ऐलान! दोषियों को जल्द सजा के लिए बनेंगी Fast Track Courts, बोले—‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
पीएम मोदी ने भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर गुरुवार देर रात बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में कई असरदार कदम उठाए गए हैं। मैंने विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। विभागों ने मुझे देर रात प्रस्ताव दे दिया। इस प्रस्ताव पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट के साथियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सोमवार से संसद का दूसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, इसलिए उस बिल को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का प्रयास जाएगी।
पहले 10 लाख के जुर्माने का था प्रावधान
गौरतलब है कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक मामले में तीन से पांच साल की कैद की सजा का प्रावधान था, वहीं 10 लाख रुपए तक का जुर्माना भी शामिल था। अब मुकदमों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को ज्यादा अधिकार दिया जा सकता है। पहले 3 से 5 साल की कैद और अब 5 से 10 साल की कैद का प्रावधान होगा। जुर्माने की राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ तक किया जा सकता है।



