नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद के मानसून सत्र में व्यवधान पैदा करने के लिए छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। प्रधान ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और पार्टी पर निशाना साधा।
धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने छात्रों की समस्याओं को संसद में उठाने और लोकतांत्रिक चर्चा का रास्ता अपनाने के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए धरने से आम लोगों को परेशानी हुई और सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी की गई।
👉 यह भी पढ़ें:
- संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने: ‘राहुल गांधी जवाब दो’ बनाम ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’
- धर्मेंद्र प्रधान के बाद प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, बोले- पीएम मोदी ने जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरली मनोहर जोशी का बड़ा बयान, PM मोदी से भी जल्द फैसले की अपील
- NEET Paper Leak Protest: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, युवाओं के आंदोलन के बाद सरकार पर बढ़ा दबाव
- Dharmendra Pradhan का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी, राष्ट्रपति ने दिए निर्देश
- ‘कॉकरोचों’ के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पर बयान जारी कर दी जानकारी
प्रधान ने कहा कि सरकार NEET और छात्रों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने चर्चा के बजाय विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना। शिक्षा मंत्री के मुताबिक, इस प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना नहीं, बल्कि राजनीतिक सुर्खियां बटोरना और संसद की कार्यवाही में बाधा डालना था।

उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की वास्तविक चिंताओं को संसद में सुनने, जवाब देने और आवश्यक सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधान ने जोर देकर कहा कि देश के छात्रों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान, जवाबदेही और भरोसा दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने किया पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन
गौरतलब है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें और हिरासत में लिए गए अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया।
NEET परीक्षा, छात्रों के अधिकार, शिक्षा व्यवस्था और संसद में विपक्ष की भूमिका को लेकर जारी इस राजनीतिक विवाद ने एक बार फिर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव को तेज कर दिया है।
अब सवाल आपसे…
क्या NEET जैसे छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए, या राजनीतिक विरोध प्रदर्शन भी लोकतांत्रिक दबाव बनाने का जरूरी तरीका है?
आप राहुल गांधी और धर्मेंद्र प्रधान के बीच जारी इस विवाद को किस नजरिए से देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



