राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर चली दिल्ली की मर्जी, घुंघरू बांधे बैठे रह गए भाजपा के कई नेता

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भोपाल। मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। मध्यप्रदेश से भाजपा राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया जो लंबे समय से राज्यसभा की ओर टकटकी लगाए बैठे थे।

भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा की रिक्त होने वाली दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने वरिष्ठ भाजपा नेता और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ तथा भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही दोनों नेताओं का राज्यसभा में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या के अनुसार दोनों वीटे पार्टी के खाते में आएगी।  राज्यसभा चुनाव को लेकर लंबे समय से विभिन्न नामों पर चर्चा चल रही थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं पर भरोसा जताया है।

इस बार साउथ नहीं पंजाब से आए नेता

पिछली बार राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने दक्षिण भारत से दो उम्मीदवार दिए थे। इस बार भी कुछ ऐसी ही उम्मीद थी, लेकिन अबकी बार पंजाब से आने वाले तरुण चुघ को मध्यप्रदेश भेज दिया गया है। तरुण चुग भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। पंजाब से आने वाले चुग को भाजपा नेतृत्व का करीबी और रणनीतिकार माना जाता है। उन्होंने कई राज्यों में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश में भी वे समय-समय पर संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

संगठन में काफी मजबूत पकड़ रखते हैं अग्रवाल

राज्यसभा के दूसरे उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश मंत्री हैं। अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं। वे लंबे समय से पार्टी में कई जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। संगठन विस्तार, चुनावी प्रबंधन तथा कार्यकर्ता समन्वय में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अब भाजपा आलाकमान ने उन्हें राज्यसभा भेजकर उनके मेहनत का सम्मान किया है। आलाकमान ने मध्यप्रदेश के ही रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाकर यह शिकायत भी दूर कर दी है कि सारे उम्मीदवार बाहर से ही आते हैं।

एमपी के नेताओं को भी साफ संदेश

पार्टी आलाकमान ने उम्मीदवार चयन के माध्यम से मध्यप्रदेश भाजपा के कई नेताओं को साफ संदेश भी दिया है कि उसकी प्राथमिकता कुछ और ही है। दिल्ली जाकर बार-बार वरिष्ठ नेताओं से मिलना और खबरों में बने रहने के लिए कुछ भी करने से आलाकमान पर कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके साथ ही उन नेताओं के लिए साफ संदेश है जो चुने हुए सीएम और संगठन के आदेश का पालन नहीं करते।

प्रदेश के कई नेता लगा रहे थे जोर

भाजपा से कई नेता राज्यसभा टिकट के लिए जोर लगा रहे थे। उनमें पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, नरोत्तम मिश्रा, अखंड प्रताप सिंह, जीएस डामोर, लाल सिंह आर्य, रंजना बघेल सहित कुछ और नेता शामिल हैं। इन सबसे अलग एक मंत्रीजी भी दिल्ली जाने के लिए लगातार कसमसा रहे थे, वो हैं कैलाश विजयवर्गीय। सीएम डॉ.मोहन यादव के आगे अपनी दाल नहीं गलने से परेशान विजयवर्गीय कई बार दिल्ली में अमित शाह से लेकर कई वरिष्ठ नेताओं के यहां हाजिरी लगा चुके हैं। इतनी मशक्कत के बाद भी विजयवर्गीय सफल नहीं हो पाए।

Harish Fatehchandani
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Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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