नई दिल्ली। जाते हुए वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था ने जापान को पीछे छोड़ दिया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत अब 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही। यह आंकड़ा पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। इससे पूर्व पहली तिमाही में यह नंबर 7.8% और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.4% दर्ज की गई थी। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत अब चौथे स्थान पर है। हमारी अर्थव्यवस्था अगले ढाई से तीन वर्षों में जर्मनी को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। वर्तमान में अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी और चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि जर्मनी तीसरे नंबर है।
सरकार के अनुसार भारत अब 2047 तक उच्च मध्यम–आय‘ वाला देश बनने के अपने विजन की ओर मजबूती से बढ़ रहा है। बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर की मजबूत बैलेंस शीट, संरचनात्मक सुधार और सामाजिक प्रगति की नींव ने भारत को एक लंबी रेस के लिए तैयार कर दिया है। भारतीय इकोनॉमी की इस ग्रोथ में निजी खपत और मजबूत घरेलू मांग का बड़ा हाथ है। सरकार का कहना है कि देश में बेरोजगारी दर में गिरावट आ रही है और महंगाई भी नियंत्रण के दायरे में बनी हुई है। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ और मूडीज जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी सकारात्मक अनुमान जताए हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 2025 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।


