देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद कड़ा बना हुआ है। यहां भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। ताजा रुझानों में दोनों पार्टियां करीब 118-118 सीटों पर आगे हैं, जबकि कुछ समय बाद भाजपा 120 सीटों पर बढ़त बनाती दिखी और तृणमूल कांग्रेस लगभग 110 सीटों पर आगे रही। अन्य दलों के खाते में कुछ सीटें जाती नजर आ रही हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- आशीष बनर्जी की मौत पर ममता का दर्द, बोलीं-बदनाम किया, झूठे आरोप लगाए
- ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़-पत्थर फेंके जाने की घटना से बंगाल की राजनीति गरम, भाजपा ने आरोपों से किया किनारा
- Amit Shah ने बंगाल में किया दुनिया के सबसे बड़े दही प्लांट का शिलान्यास, कहा-सोनार बांग्ला के सपने को साकार करने की मुहिम शुरू
- TMC के बागी गुट के नेताओं को अभिषेक बनर्जी ने दी चुनौती, पार्टी में वापस आ जाएं, एक घंटे में दे दूंगा इस्तीफा
- Abhishek Banerjee : ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका, डायमंड हार्बर में दफ्तर पर चला बुलडोजर
- Mamata Banerjee ने कहा-भाजपा चाहती थी कि मुझे हार्ट अटैक आ जाए, भतीजे अभिषेक बनर्जी का किया बचाव
तमिलनाडु में भी नतीजों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। शुरुआती रुझानों में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 38 सीटों पर आगे है, जबकि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस चुनाव में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम भी एक उभरती ताकत के रूप में सामने आ रही है और 84 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है
असम में शुरुआती रुझानों में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। 126 सीटों में से लगभग 67 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस अपने सहयोगियों के साथ करीब 9 सीटों पर सिमटी हुई है। कई प्रमुख सीटों पर भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं, हालांकि मतगणना अभी जारी है और तस्वीर लगातार साफ होती जा रही है।
केरल में भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए करीब 83 सीटों पर बढ़त बना ली है, जबकि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट लगभग 53 सीटों पर आगे है।
कुल मिलाकर, अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर उभर रही है—कहीं कड़ा मुकाबला है तो कहीं एकतरफा बढ़त, जिससे देशभर की नजरें इन चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं।



