ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने दक्षिणी तटीय समुद्री इलाकों को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान अब अरब की खाड़ी और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों पर अपना नियंत्रण और मजबूत करना चाहता है।
आईआरजीसी की नौसेना कमान ने बयान जारी कर कहा कि लगभग 2,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। ईरान का दावा है कि इन कदमों से यह क्षेत्र देश के लिए गर्व और शक्ति का प्रतीक बनेगा, साथ ही पूरे इलाके में सुरक्षा और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।
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इससे पहले अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने सख्त संदेश देते हुए कहा था कि फारस की खाड़ी में विदेशी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि ईरान अपने समुद्री क्षेत्र में बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।
वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरान पर नाकाबंदी शुरू कर दी थी। इसके जवाब में खामेनेई ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को “कागजी शेर” बताते हुए उनकी सुरक्षा क्षमता पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर दिए गए बयान में उन्होंने न केवल अमेरिकी ठिकानों का मजाक उड़ाया, बल्कि इजराइल और कुछ अरब देशों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने इस टकराव में अमेरिका का समर्थन किया है। इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


