मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी सेना की एक कार्रवाई ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ईरानी तेल ले जा रहे दो टैंकरों को जब्त किए जाने के बाद ईरान और अमेरिका आमने-सामने आ गए हैं। इस घटनाक्रम का असर होर्मुज जलडमरूमध्य में भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां पहले से ही तनाव बना हुआ था।
ईरान ने इस कार्रवाई को कड़ी भाषा में ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बयान जारी कर कहा कि यह खुले समुद्र में सशस्त्र लूट और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका कानूनी प्रक्रिया की आड़ में गैर-कानूनी कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है।
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वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग ने इस कार्रवाई का बचाव किया है। उनके अनुसार, मैजेस्टिक एक्स और टिफानी नाम के टैंकरों को अदालत से मंजूर वारंट के तहत हिंद महासागर में रोका गया। इन जहाजों में करीब 19 लाख बैरल ईरानी तेल मौजूद था।
अमेरिका का कहना है कि यह कदम अवैध तेल नेटवर्क को खत्म करने और प्रतिबंधित संस्थाओं को आर्थिक लाभ से रोकने के लिए उठाया गया है। अमेरिकी एजेंसियां अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ऐसी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखने की बात कह रही हैं।
इस घटनाक्रम ने ऐसे समय पर दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी बढ़ा दी है, जब पहले से ही बातचीत के अगले दौर को लेकर चर्चा चल रही थी। अब यह देखना अहम होगा कि यह विवाद कूटनीति के जरिए सुलझता है या तनाव और गहराता है।


