प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का रविवार, 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। करीब सात दशकों तक अपने मधुर और खनकते स्वर से संगीत जगत को समृद्ध करने वाली यह महान कलाकार अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन की खबर से फिल्म, खेल और राजनीति सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक थीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आशा जी की संगीत यात्रा ने दशकों तक भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और उनके गीतों ने दुनियाभर में लाखों दिलों को छुआ। प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को याद करते हुए उन्हें हमेशा प्रेरणादायक बताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। उनकी पोती जनाई भोसले ने बताया था कि अत्यधिक थकावट और सीने में संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित प्रशंसक अस्पताल और उनके आवास के बाहर एकत्र हो गए थे और उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा जाएगा और शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यही वह स्थान है जहां उनकी बहन लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार हुआ था।
आशा भोसले का जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।



