अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल 

Date:

अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल

हाल ही में दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने वाले अरविंदर सिंह लवली भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. अरविंदर सिंह लवली पूर्व मंत्री राज कुमार चौहान, पूर्व मंत्री नसीब सिंह, नीरज बासोया और अमित सिंह के साथ बीजेपी दफ़्तर पहुंचे और बीजेपी के साथ जुड़ने की घोषणा की.

Who is arvinder singh singh lovely who change party 3 times in 7 years -  पहली बार नहीं भाजपा के हुए अरविंदर सिंह लवली, 7 साल में 3 बार बदल चुके  पाला, एनसीआर न्यूज

अरविंदर सिंह लवली दो बार दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे हैं, चार बार विधायक और दस साल तक शीला दीक्षीत की सरकार में मंत्री रहे हैं. राज कुमार चौहान भी लंबे समय तक मंत्री रहे हैं. नसीब सिंह भी कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रहे अमित सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. अमित सिंह एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं.

अरविंदर सिंह लवली ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया था, तब से ही उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाये जा रहे थे.

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जानकारी दी है कि रूस के तेल से जुड़े प्रतिबंधों में दी गई छूट को सीमित समय के लिए आगे बढ़ाया गया है। यह कदम उन गरीब और कमजोर देशों की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जो इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। बेसेंट के अनुसार, यह मुद्दा पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की बैठकों के दौरान सामने आया था। कई देशों ने अमेरिका से अपील की थी कि उन्हें ऊर्जा संकट से उबरने के लिए कुछ समय की राहत दी जाए। उन्होंने बताया कि शुरुआत में इस छूट को आगे नहीं बढ़ाने का विचार था, लेकिन 10 से अधिक गरीब देशों के अनुरोध के बाद इसे केवल 30 दिनों के लिए बढ़ाने का फैसला किया गया। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया था कि रूसी और ईरानी तेल पर दी गई छूट को समाप्त कर दिया जाएगा। हालांकि, बाद में अचानक फैसला बदलते हुए इसे अस्थायी रूप से बढ़ा दिया गया। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने भारत सहित कई देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए सीमित अवधि की छूट दी थी, जो 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी।