नई दिल्ली। प्रसिद्ध संगीतकार इन दिनों सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर विवादों में हैं। उनके एक बयान पर इतना विवाद हुआ कि उन्हें सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई देनी पड़ी है। रहमान ने कहा है कि मैं समझ सकता हूं कि इरादे कभी–कभी गलत समझ लिए जाते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि लोग मेरी ईमानदारी और सच्चे इरादों को समझेंगे और महसूस करेंगे।
उन्होंने कहा कि मेरे लिए संगीत हमेशा से लोगों और संस्कृति से जुड़ने, उन्हें सेलिब्रेट करने और सम्मान देने का जरिया रहा है। भारत मेरा घर, मेरी प्रेरणा और गुरु भी है। मेरा उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। वीडियो में उन्होंने कहा कि मुझे खुद के भारतीय होने पर गर्व है। भारत ने मुझे वह मंच दिया है जहां मैं अपनी रचनात्मकता का पूर्ण स्वतंत्रता से प्रदर्शन कर सकता हूं। ये अवसर मुझे विभिन्न संस्कृतियों की आवाजों को सम्मान देने और संगीत के माध्यम से जोड़ने का मौका देता है। भारत ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है और मेरे काम को और सार्थक बनाया है।
रहमान ने कहा कि उन्होंने नागा संगीतकारों के साथ मिलकर स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाया, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर किया और सीक्रेट माउंटेन नामक भारत के पहले मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड की स्थापना की। इसके साथ ही मैंने रामायण के संगीत में हांस जिमर के साथ सहयोग किया। इन सब अनुभवों ने मेरे संगीत के मकसद को और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि मेरा संगीत हमेशा अतीत का सम्मान करेगा, वर्तमान का जश्न मनाएगा और भविष्य को प्रेरित करेगा। संगीत कभी किसी को चोट पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा है, बल्कि यह हमेशा लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने का जरिया रहा है।
किस बयान पर मचा है बवाल
एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे बॉलीवुड में अब कम काम मिलने लगा है। कभी–कभी रचनात्मक निर्णय लेने की ताकत उन लोगों के हाथ में होती है जिनमें असल में क्रिएटिविटी नहीं होती। ये कभी–कभी साम्प्रदायिक कारणों से भी हो सकता है, लेकिन ये सीधे तौर पर पता नहीं चलता। ये केवल अफवाहों के रूप में पता चलता है कि मुझे किसी प्रोजेक्ट में चुना गया था, लेकिन फिर कंपनी ने अपने पांच अन्य कंपोजर्स को हायर कर लिया।




