इंदौर। सभी घरों में लगभग हर दिन पोछा लगता है। क्या आपको पता है कि वास्तु शास्त्र में पोछा लगाने के भी कई तरीके सुझाए गए हैं। इनको अपनाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसी प्रकार यदि आप पोछा लगाते समय भी वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपको कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं पोछा लगते समय किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
सूर्योदय से पहले लगाएं पोछा
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वास्तु के अनुसार घर की साफ–सफाई के लिए सबसे सही समय ब्रह्म मुहूर्त को माना गया है। ऐसे में आप इस समय में पोछा लगा सकते हैं। यह असल में सूर्योदय से पहले की अवधि होती है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजे से सुबह 5 बजकर 30 के बीच का समय होता है। ऐसे में इस समय में घर में पोछा लगाने से घर सकारात्मकता बढ़ती है और शांत वातावरण बना रहता है। इसके साथ ही सूर्योदय के दौरान या उसके तुरंत बाद भी पोछा लगाना अच्छा माना जाता है।
घर के प्रवेश से शुरू करें पोछा
पोछा हमेशा घर के प्रवेश से लगाना शुरू करना चाहिए। इसके बाद घर के बाकी हिस्सों में पोछा लगाएं। अलग–अलग कमरों में पोछा लगाते समय, दक्षिणावर्त दिशा का पालन करें। ऐसा करने से प्राकृतिक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। कोशिश करें कि पोछा हमेशा मुख्य द्वार के पास से शुरू करने इसी स्थान पर समाप्त करें।
पोछे के पानी में मिलाएं सेंधा नमक
कभी भी दोपहर के समय घर में पोछा नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मकता उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही आप चाहें तो पोछे के पानी में थोड़ी–सी मात्रा में सेंधा या फिर नींबू का रस मिला सकते हैं। इससे घर का वास्तु ठीक बना रहता है और नकारात्मक ऊर्जा भी कोसों दूर बनी रहती है।


